By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • समाचार
    • इवेंट एंड एक्टिविटी
    • देश-विदेश
    • राजनीतिक खबर
    • मुद्दा
    • संसद, न्यायपालिका और नौकरशाही
    • सरकारें
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • ISD Podcast
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • सोशल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
  • राजनीतिक विचारधारा
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद / अवसरवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद / परिवारवाद
    • राजनीतिक व्यक्तित्व / विचारधारा
    • संघवाद
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • पूरब का दर्शन और पंथ
    • परंपरा, पर्व और प्रारब्ध
    • अब्राहम रिलिजन
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • पॉप कल्चर
    • मूवी रिव्यू
    • बॉलीवुड न्यूज़
    • सेलिब्रिटी
    • लाइफ स्टाइल एंड फैशन
    • रिलेशनशिप
    • फूड कल्चर
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • गॉसिप
  • BLOG
    • व्यक्तित्व विकास
      • मनोविश्लेषण
    • कुछ नया
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • ग्रामीण भारत
    • कला और संस्कृति
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • स्वस्थ्य भारत
    • विचार
    • पुस्तकें
    • SDEO Blog
    • Your Story
  • JOIN US
Reading: बिहार: ब्राह्मण परिवार के 5 लोग फांसी के फंदे पर झूल गये , इनकी जाति की जनगणना कैसे करायेंगे CM नीतीश कुमार ?
Share
Notification
Latest News
कांग्रेस विधायक ने भाजपा को मारा तमाचा!
SDeo blog
सफेदपोश बनाम भगवा अपराधी!
SDeo blog
OpenAI ने OpenClaw के निर्माता को अपनी टीम में शामिल किया: जानिए क्यों आपको इससे भयभीत (और साथ ही उत्साहित) होना चाहिए।
Technology
सोची-समझी राणनीति के तहत किया जा रहा है हिंदू समाज में विखंडन!
SDeo blog जातिवाद / अवसरवाद संघवाद
India Speak Daily के बारे में ग्रोक ने क्या कहा?
SDeo blog
Aa
Aa
India Speak DailyIndia Speak Daily
  • ISD Podcast
  • ISD TV
  • ISD videos
  • JOIN US
  • समाचार
    • इवेंट एंड एक्टिविटी
    • देश-विदेश
    • राजनीतिक खबर
    • मुद्दा
    • संसद, न्यायपालिका और नौकरशाही
    • सरकारें
    • अपराध
    • भ्रष्टाचार
    • जन समस्या
    • ISD Podcast
    • ISD videos
    • English content
  • मीडिया
    • मेनस्ट्रीम जर्नलिज्म
    • सोशल मीडिया
    • फिफ्थ कॉलम
    • फेक न्यूज भंडाफोड़
  • राजनीतिक विचारधारा
    • अस्मितावाद
    • जातिवाद / अवसरवाद
    • पंचमक्कारवाद
    • व्यक्तिवाद / परिवारवाद
    • राजनीतिक व्यक्तित्व / विचारधारा
    • संघवाद
  • इतिहास
    • स्वर्णिम भारत
    • गुलाम भारत
    • आजाद भारत
    • विश्व इतिहास
    • अनोखा इतिहास
  • धर्म
    • अध्यात्म
    • सनातन हिंदू धर्म
    • पूरब का दर्शन और पंथ
    • परंपरा, पर्व और प्रारब्ध
    • अब्राहम रिलिजन
    • उपदेश एवं उपदेशक
  • पॉप कल्चर
    • मूवी रिव्यू
    • बॉलीवुड न्यूज़
    • सेलिब्रिटी
    • लाइफ स्टाइल एंड फैशन
    • रिलेशनशिप
    • फूड कल्चर
    • प्रोडक्ट रिव्यू
    • गॉसिप
  • BLOG
    • व्यक्तित्व विकास
    • कुछ नया
    • भाषा और साहित्य
    • स्वयंसेवी प्रयास
    • ग्रामीण भारत
    • कला और संस्कृति
    • पर्यटन
    • नारी जगत
    • स्वस्थ्य भारत
    • विचार
    • पुस्तकें
    • SDEO Blog
    • Your Story
  • JOIN US
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Website Design & Developed By: WebNet Creatives
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
India Speak Daily > Blog > राजनीतिक विचारधारा > जातिवाद / अवसरवाद > बिहार: ब्राह्मण परिवार के 5 लोग फांसी के फंदे पर झूल गये , इनकी जाति की जनगणना कैसे करायेंगे CM नीतीश कुमार ?
जातिवाद / अवसरवाद

बिहार: ब्राह्मण परिवार के 5 लोग फांसी के फंदे पर झूल गये , इनकी जाति की जनगणना कैसे करायेंगे CM नीतीश कुमार ?

Courtesy Desk
Last updated: 2022/06/07 at 5:17 PM
By Courtesy Desk 257 Views 5 Min Read
Share
5 Min Read
SHARE

बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक सुर में जाति के आधार पर जनगणना कराने को लेकर सहमत है. जिसके लिए बिहार सरकार 500 करोड़ खर्च करने जा रही है. लेकिन जहां सरकार एक तरफ जातीय गनगणना के लिए कोरोड़ों रुपये खर्च करने जा रही है उसी बीच राज्य के लोगों की आर्थिक स्थिति कैसी है , कितने लोग कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं, कितने लोग भुखमरी के कगार पर हैं क्या सरकार ने इस स्थिति का जायजा लेना उचित समझा ?

दरअसल जातीय गनगणना के शोर में समस्तीपुर के परिवार की झकझोरने वाली खबर शायद कहीं न कहीं दब गई. बिहार के समस्तीपुर के एक गांव मऊ में एक पूरा परिवार फांसी के फंदे पर लटक गया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिस परिवार ने फांसी लगाकर अपनी जिंदगी ख़त्म कर ली वो एक ब्राह्मण परिवार था। मरने वालों में पति-पत्नी, दादी और 2 बच्चे थे. मनोज झा ऑटो चलाकर और खैनी बेचकर अपने परिवार का पेट पालते थे। ये सोचकर भी मन सहम जाता है कि अपने मासूमों को किस तरह मजबूर बाप ने गले में फंदा डाला होगा। लेकिन सड़ी हुई सिस्टम को शर्म कहां आती है. ?

Disturbing Visuals

समस्तीपुर में एक ही परिवार के 5 सदस्यों का शव घर में फंदे से झूलता मिला. विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के मऊ गांव में दो नाबालिग बच्चों, बुजुर्ग माँ और पत्नी के साथ ऑटो चालक मनोज झा की मौत. ख़ुदकुशी या हत्या? फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही. pic.twitter.com/n9RQyFk8cp

— Utkarsh Singh (@UtkarshSingh_) June 5, 2022

मनोज झा के लिए ऑटो चलाकर 5 सदस्यों के परिवार को पालना मुश्किल हो रहा था, ऐसे में उन्होंने दूसरे लोगों से 10 लाख का कर्ज लिया, कर्ज ले तो लिया था लेकिन लौटाए कहां से ? कुछ दिनों बाद कर्ज देने वाले घर पहुंचने लगे . रोज-रोज की बेइज्जती और परिवार का भूखा पेट यह सब कुछ मनोज बर्दाश्त नहीं कर सका और पूरे परिवार के साथ फांसी के फंदे पर झूल गया. यह पूरा परिवार जाति से ब्राह्मण था। परिवार के ऊपर सवर्ण होने का ठप्पा लगा था। जिसकी वजह से परिवार को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलती थी। लेकिन इस परिवार के लिए ब्राह्मण कुल में पैदा होना मानो उसके लिए श्राप बन गया हो।

More Read

सोची-समझी राणनीति के तहत किया जा रहा है हिंदू समाज में विखंडन!
अस्तित्व विलीन के आखिरी पायदान पर ब्राह्मण?
अमेरिका की ‘क्रिटिकल रेस थ्योरी’ और भारतीय राजनीति: एक वैचारिक विश्लेषण
यूजीसी एक्ट के विरोध में हिन्दुओं की सभी 36 बिरादरी एक

यह है ब्राह्मणों की हालत जहां वामपंथी, बुद्धिजीवी और अर्बन नक्सल जिस ब्राह्मण की दिन-रात आलोचना करते हैं. ये सभी को मालूम है कि ब्राह्मणों को इस देश में कोई आरक्षण नहीं मिलता। ना ही नौकरी में ना ही शिक्षण संस्थानों में और हां ब्राह्मण ‘विक्टिम कार्ड’ भी नहीं खेल सकता क्योंकि वो ब्राह्मण है।

फ्रांस के पत्रकार फ्रेंन्कॉइस गोटियर ने 2007 में सर्वे रिपोर्ट जारी की थी। उसके मुताबिक आज आपको किसी भी सरकारी ऑफ़िस में ब्राह्मण टॉयलेट साफ करते हुए मिल जाएंगे। उस दौरान दिल्ली में 50 सुलभ शौचालय थे, इन सभी की साफ-सफाई और देख-रेख का काम ब्राह्मण ही करते थे। इतना ही नहीं दिल्ली में 50 फीसदी रिक्शाचालक ब्राह्मण हैं। आंध्र-प्रदेश में घरों में काम करने वालों में 75 फीसदी आबादी ब्राह्मणों की है। इन आंकड़ों से समझिए की ब्राह्मणों की स्थिति दिन पर दिन बद से बदतर होती जा रही है बावजूद इसके ब्राह्मणों के खिलाफ दिन-रात नैरेटिव सेट किया जाता है।

आखिर में सवाल ये कि बिहार की नीतीश सरकार जातीय जनगणना के नाम पर जो पैसे पानी की तरह बहाने जा रही है उन पैसों का इस्तेमाल सूबे की आर्थिक व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य के सुधार के लिए क्यों नहीं किया गया. आज भी चाहे वो सरकारी अस्पताल हो या फिर सरकारी स्कूल पूरी तरह से यहां की व्यवस्था चौपट है. स्कूलों में मास्टर साहब बच्चों से पंखा हंकवाते हैं तो अस्पतालों में मोबाइल की रोशनी में बच्चे की डिलवरी होती है. ये तो मात्र दो उदाहरण है बिहार के फिसड्डी राज्य होने के बदइंतजामी की तो भरमार है.

बिहार सरकार को शिक्षकों के लिए बिस्तर और पंखे की भी व्यवस्था करनी चाहिए. pic.twitter.com/Iu1oAFkFb3

— Utkarsh Singh (@UtkarshSingh_) June 5, 2022

बिहार में 1931 के बाद फिर जातीय जनगणना होगी लेकिन जातीय जनगणना से पहले अलग-अलग जाति के लोगों की हालत भी देख लेते नीतीश बाबू तो बेहतर होता शायद अगले चुनाव में वोटों के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरुरत ही नहीं पड़ती दरअसल आर्थिक रूप से पिछड़े लोग चाहे वो किसी भी जाति के हैं वे अपनी जिंदगी जी नही रहें बल्कि ढो रहे हैं. कुछ कीजिए नीतीश कुमार जी…

साभार

Related

TAGGED: bihar, Bihar Government, Bihar News, Brahmin family
Courtesy Desk June 7, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Print
Previous Article Box Office Report: पृथ्वीराज की धीमी चाल और विक्रम का सरपट दौड़ता विजयी रथ
Next Article दहशत में है नूपुर शर्मा !
Leave a comment Leave a comment

Share your CommentCancel reply

Stay Connected

Facebook Like
Twitter Follow
Instagram Follow
Youtube Subscribe
Telegram Follow
- Advertisement -
Ad image

Latest News

कांग्रेस विधायक ने भाजपा को मारा तमाचा!
सफेदपोश बनाम भगवा अपराधी!
OpenAI ने OpenClaw के निर्माता को अपनी टीम में शामिल किया: जानिए क्यों आपको इससे भयभीत (और साथ ही उत्साहित) होना चाहिए।
सोची-समझी राणनीति के तहत किया जा रहा है हिंदू समाज में विखंडन!

You Might Also Like

SDeo blogजातिवाद / अवसरवादसंघवाद

सोची-समझी राणनीति के तहत किया जा रहा है हिंदू समाज में विखंडन!

February 17, 2026
अस्मितावादजातिवाद / अवसरवाद

अस्तित्व विलीन के आखिरी पायदान पर ब्राह्मण?

February 9, 2026
SDeo blogजातिवाद / अवसरवाद

अमेरिका की ‘क्रिटिकल रेस थ्योरी’ और भारतीय राजनीति: एक वैचारिक विश्लेषण

February 9, 2026
अस्मितावादजातिवाद / अवसरवाद

यूजीसी एक्ट के विरोध में हिन्दुओं की सभी 36 बिरादरी एक

February 9, 2026
//

India Speaks Daily is a leading Views portal in Bharat, motivating and influencing thousands of Sanatanis, and the number is rising.

Popular Categories

  • ISD Podcast
  • ISD TV
  • ISD videos
  • JOIN US

Quick Links

  • Refund & Cancellation Policy
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Terms of Service
  • Advertise With ISD
- Download App -
Ad image

Copyright © 2015 - 2025 - Kapot Media Network LLP. All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?