Category: मूवी रिव्यू

0

जो मरकर भी ज़िंदा है, उस पर आधारित है फिल्म ‘अनवांटेड’!

पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार और बंगाल में ऐसे लोगों की तादाद लगभग पचास हज़ार हैं जो मरकर भी जीवित हैं। कहने का मतलब इन तीन राज्यों में ऐसे लोग भी रहते हैं जो कागज़ों पर...

0

फ़िल्म समीक्षा: कैप्टन मार्वल, आकाशगंगा में विचरती अत्याधुनिक सभ्यताओं के बीच महायुद्ध की गाथा

एवेंजर्स का अपना अलग ही संसार है। आकाशगंगाओं में विचरती अत्याधुनिक सभ्यताओं के बीच महायुद्ध की ये गाथा रोमांचक ढंग से समाप्ति की ओर बढ़ रही है। कैप्टन अमेरिका, आयरन मैन, ब्लैक पैंथर, स्पाइडर...

0

फिल्म समीक्षा: गुदगुदाती ‘टोटल धमाल’ पाक में प्रदर्शित नहीं हुई तो प्रो-पाकी उसे फ्लॉप कराने में जुटे!

पैनिक भास्कर समेत कई मीडिया संस्थानों ने ‘टोटल धमाल’ को बेहूदा फ़िल्म बताया है। उसके निम्नलिखित कारण हैं। १: राष्ट्रवादी अजय देवगन इस फ़िल्म के निर्माता हैं। २: माधुरी दीक्षित को भाजपा में लाने...

0

फिल्म समीक्षा : ये गली बॉय ‘होपलेस’ है

मुझे हैरानी है कि सेंसर बोर्ड की पैनी निगाहों से ये गाना बचकर कैसे निकल गया। कल प्रदर्शित हुई फिल्म ‘गली बॉय’ का ये गाना आज के हिंदुस्तान का बखान करता है।  गीतकार ने...

0

फिल्म समीक्षा: वेलेंटाइन के मौसम में ‘अलिटा’ से प्यार हो सकता है

अलिटा एक साइबोर्ग है। साइबोर्ग यानि आधा मनुष्य और आधा रोबोट। अलिटा को ‘यूगो’ से प्यार है लेकिन यूगो पैसों का लालची है। एक दिन अलिटा ‘डार्क मैटर’ से बना कृत्रिम दिल निकालकर यूगो...

0

फिल्म समीक्षा : बॉक्स ऑफिस पर ‘ठाकरे’ की दहाड़ नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकती

फ्री प्रेस के कार्टूनिस्ट केशव बाल ठाकरे को उसका संपादक कार्टून की धार कम करने के लिए कहता है। संपादक को लगता है कि केशव के धारदार कार्टून के अख़बार का नुकसान करवा रहे...

0

फिल्म समीक्षा: कहने का मन करता है ‘विजयी भव कंगना’

सदाशिव ने षड्यंत्र से गंगाधर राव और मणिकर्णिका के पुत्र दामोदर को ज़हर दे दिया है। दामोदर की मौत के कुछ समय बाद गंगाधर राव की भी मृत्यु हो जाती है। पति के अंतिम...

0

इस वीकेंड बॉक्स ऑफिस राष्ट्र के नाम समर्पित हुआ

मेजर विहान के जीजा करण उरी में हुए आतंकी हमले में शहीद हो जाते हैं। विहान की भांजी सलामी के समय ‘वार क्राई’ गाती है। उसके बिलखते स्वर सुन  सख्त दिल फौजी रो पड़ते...

0

फिल्म समीक्षा : ‘परिवार’ को आईना दिखाती है द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर देखने के बाद ये सुखद आश्चर्य हो सकता है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अभिनेता अनुपम खेर को चाय पर बुलाए और कहे ‘वाह अनुपम तूने क्या खूब...

0

रणवीर सिंह के कंधों पर सवार है ‘सिम्बा’

नेट पर पता चला कि फिल्म समीक्षक तरण आदर्श को सिम्बा की सकारात्मक समीक्षा के लिए ट्रोल किया गया। ट्रोल करने वाले शाहरुख़ के प्रशंसक थे, जो ‘जीरो’ की निगेटिव रिव्यू के कारण उनसे...

0

फिल्म समीक्षा: शाहरुख की ‘ज़ीरो’ को सिंगल थिएटर के दर्शक ने नकार दिया

नासा वैज्ञानिक आफिया एक चिम्पांजी को प्रशिक्षण देकर मंगल ग्रह पर जाने के लिए तैयार करती है। चिम्पांजी एन वक्त पर धोखा दे जाता है और आफिया के प्रेम में पागल बउआ सिंह चिम्पांजी...

0

‘एक्वामैन’ ने बॉक्स ऑफिस के समुद्र में लगाई ‘एक हज़ार करोड़ की डुबकी’

वार्नर ब्रदर्स की फिल्म ‘एक्वामैन’ ने प्रदर्शित होने के साथ ही विश्व सिनेमा में अच्छा-खासा तांडव मचाकर रख दिया है। सबसे पहले इसे चीन  उतारा गया, जहाँ एक्वामैन ने पांच दिन में 600 करोड़...

0

फिल्म समीक्षा : ‘केदारनाथ’ खुद एक हादसा बनकर रह जाती है

किसी फिल्म में कलात्मक वीडियोग्राफी, वीएफएक्स इफेक्ट और आइटम गीत एक ‘महंगी तश्तरी’ की तरह होते हैं। दर्शक को इस महंगी तश्तरी में रखे ‘कंटेंट’ से मतलब होता है। वह तश्तरी की सुंदरता देखना...

0

फिल्म समीक्षा : चिट्टी का अपग्रेडेड वर्जन ‘2.0’ आपको हैरानी में डाल देगा!

पक्षी विज्ञानी ‘पक्षी राजन‘ दुनिया को मोबाइल के खतरों से आगाह करता है लेकिन कोई उसकी बात नहीं सुनता। अपने पक्षियों की मौत से दुखी पक्षी राजन आत्महत्या कर लेता है। उसकी ‘आत्मा का...

0

जो बड़े हमलों से नहीं हारे, वे छोटी जरूरतों से हार गए – अस्सी मोहल्ला

‘बनारस के घाट पर एक विदेशन पहुंची है। वह घाट पर बैठे साधु से कुछ सवाल करती है। साधु उसके प्रश्न का उत्तर एक स्लेट पर लिखकर देता है। पहला सवाल ‘आज से दस...

0

घर के बाहर पड़ा ‘पटाखों का कचरा’ भी ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ से होता है सुंदर!

गुरुवार की दोपहर ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ का पहला शो खत्म होते ही ट्वीटर पर इस फिल्म के नाम से बनने वाले ‘मेमे’ की बाढ़ आ गई। यदि पहले ही शो के बाद ऐसी तीखी...

0

क्राइम और थ्रिल की कॉकटेल है आयुष्मान खुराना की ‘अंधाधुन’!

पति सरप्राइज देने के लिए घर पहुंचा है। घर पर पत्नी अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में मिली है। भेद बाहर न जाए इसलिए दोनों ने मिलकर पति की हत्या कर डाली है।...

0

‘लवयात्री’ फिल्म समीक्षा- बकवास से थोड़ी ज्यादा और बेवकूफी से थोड़ी कम!

निर्माता सलमान खान की फिल्म ‘लवयात्री’ गजब फिल्म है। इसे देखने के बाद दर्शक सूचनाओं के एक नए संसार में प्रवेश कर जाता है। उसे मालूम होता है कि नवरात्रि केवल गरबों और प्यार-मोहब्बत...

0

सच्चाई का ‘सुई धागा’ लेकर मन से ‘तुरपाई’ करते हैं निर्मल आनंद!

हमें आदत सी हो गई है अपने प्रिय कलाकार को आलीशान कपड़ों में देखने की, न्यूज़ीलैंड और ग्रीस के लोकेशंस के बैकग्राउंड में डिजाइन किये गए गीत देखने की, फिल्म के हीरो को सर्वशक्तिमान...

0

भावनाओं के उफान में बहा देती है ‘बत्ती गुल मीटर चालू’!

पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड में बिजली की कमी कई दशकों से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बिजली के बिना किसी प्रदेश का विकास असम्भव है। ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ उत्तराखंड समेत देश के उन...

समाचार