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राजीव गांधी की फेक उपलब्धि के सहारे राहुल गांधी के लिए वोट जुगाड़!

एक अकेले शाहिद सिद्दिकी नहीं हैं जो कांग्रेस के झूठ को फेरीवाला बनकर बेचने में लगे हैं। कांग्रेस ने अपना झूठ बेचने के लिए इन जैसे पीडी पत्रकारों की पूरी फौज लगा रखी है। कैम्ब्रिज एनालिटिका का मामला क्या था? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उसकी सलाह पर ही तो देश के 69 पत्रकारों को अपनी सेवा में लगा रखा था ताकि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान उनका झूठ बेच सकें तथा कांग्रेस और राहुल के पक्ष में चुनावी हवा बना सके। शाहिद सिद्दिकी क्या कर रहे हैं? आज वे भी वही तो कर रहे हैं। राजीव गांधी की फेक उपलब्धि राहुल गांधी के लिए बेच रहे हैं।

Mr @shahid_siddiqui Majority of top IT companies of today, started their business/ops much b4 #RajivGandhi became PM?
Its SHAMEFUL that a Sr. Journalist like U keep peddling @INCIndia’s most-repeated lie. No PM in 80/90s could’ve stopped IT revolution in India. It had to happen!

मुख्य बिंदु

* कांग्रेस परिवार की हमेशा से प्रदक्षिणा में लगे पालतू पत्रकार आज भी झूठ बेचने में माहिर

* जब राजीव गांधी राजनीति में भी नहीं आए थे उससे पहले से ही भारत में कार्यरत है कंप्युटर कंपनी

शादिद सिद्दीकी ने अपने एक ट्वीट में राजीव गांधी को भारत को 21वीं सदी में लाने वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत आज सूचना प्रौद्योगिकी में महाशक्ति बना है तो वह सिर्फ राजीव गांधी की दूरदृष्टि की वजह से। देश के लिए उनके इस योगदान को कोई छीन नहीं सकता। आज शाहिद सिद्दिकी जैसे पत्रकार भी तथ्य को छिपाकर इस प्रकार की चाकरी करने लगे हैं। जबकि उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि आज की अधिकांश शीर्ष सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी राजीव गांधी से बहुत पहले से ही भारत में स्थापित थी और भारत को इस क्षेत्र में महाशक्ति बनाने की नींव तैयार कर चुकी थी। सिद्दिकी जैसे पत्रकार को जानना चाहिए कि 80 और 90 के दशक में भारत में सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति को रोकना प्रधानमंत्री के वश से बाहर की बात हो गई थी। कोई भी प्रधानमंत्री होते वह इस क्रांति को रोक ही नहीं सकते थे। यह क्रांति तब देश के लिए अवश्यंभावी बन गई थी। इसके लिए आज भी राजीव गांधी को श्रेय देना राहुल गांधी की प्रदक्षिणा करना है।

राजीव गांधी जब 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री बने उससे तीन साल पहले सबसे नई कंपनी इनफोसिस ने भारत में सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित अपना काम शुरू कर चुकी थी। 70 के दशक में सीएसआई और टीसीएस आ चुकी थी। 80 के दशक में पाटनी,सीएमसी, एचसीएल तथा पीसीएस का भी आगमन हो चुका था। तथा 90 के दशक में विप्रो और इनफोसिस आ चुकी थी।

congress false narrative

कांग्रेस के पालतू पत्रकार बगैर कोई तथ्य और तर्क के उसका झूठ बेचने में जुट जाते हैं और जब जनता उन्हें खारिज करने लग जाती है तो ट्रोल-ट्रोल चिल्लाते हैं। कांग्रेस की अधिकांश उपलब्धियों का तर्क से कोई लेना देना ही नहीं है। अभी कुछ दिन पहले से कांग्रेस की सेवा में जुटे पत्रकारों ने राजीव गांधी की उपलब्धियों को खोज-खोज कर देश की जनता के सामने लाने में जुट गए हैं ताकि राजीव के नाम पर कांग्रेस के लिए वोट का जुगाड़ किया जा सके। इसी कारण राजीव गांधी की सबसे बड़ी उपलब्धि देश में कंप्यूटर को लाना है। पत्रकार भाई देश में कंप्यूटर क्रांति को राजीव गांधी के नाम पर बेचकर राहुल गांधी के लिए कुछ वोट खरीदने के जुगाड़ में जुट गए है। लेकिन ये नहीं जानते कि अब जमाना सोशल मीडिया का है।

URL: congress media nexus and fighting against conspiracy of fake narration-2

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