‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देती केदारनाथ फिल्म को लेकर भड़का विवाद!

जैसी कि मैंने पूर्व में आशंका व्यक्त की थी कि ‘केदारनाथ’ फिल्म के कारण समाज में बहुतेरे विवाद उपजेंगे। सबसे पहले उत्तराखंड के तीर्थ पुरोहितों ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की और अब राज्य के भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने आरोप लगाया है कि फिल्म हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और लव जिहाद को बढ़ावा देती है। फिल्म की कथावस्तु, प्रोमो और पोस्टर आपत्तिजनक है। 2013 की विनाशकारी बाढ़ की पृष्ठभूमि में प्रेमकथा और वह भी हिन्दू-मुस्लिम। हिन्दू समाज को भड़काकर फिल्म के लिए मुफ्त प्रचार हासिल करने का ये प्रयास अब अदालत की चौखट पर जाकर ही समाप्त होने वाला है।

‘केदारनाथ’ के निर्देशक अभिषेक कपूर खुश होंगे कि उनका निशाना बिलकुल ठीक बैठा है। पोस्टर पर ‘प्रेम तीर्थयात्रा है’ लिखकर पुरोहितों को भड़का दिया। प्रोमो में मुस्लिम किरदार के साथ हिन्दू भक्तिन के प्रणय दृश्य दिखाकर विवाद खड़ा कर दिया। चूँकि विवाद खड़ा हो चुका है इसलिए फिल्म को मुफ्त का प्रचार मिलेगा। जिसके लिए फिल्म के निर्माता को कुछ पैसा खर्च करना नहीं पड़ेगा। भाजपा नेता ने जिस तरह से फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की है, इससे देशभर में विवाद को बल मिलेगा। इस मामले में तो सूचना व प्रसारण मंत्रालय को तुरंत एक्शन लेना चाहिए था, जो नहीं लिया गया।

केदारनाथ विवाद ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की याद ताज़ा कर दी है। पद्मावत का प्रचंड विरोध हुआ तो निर्माता न्यायालय की शरण में चला गया। न्यायालय ने न केवल फिल्म को क्लीन चिट दी बल्कि राज्य सरकारों से फिल्म प्रदर्शन सुनिश्चित करवाने का आदेश दिया था। राज्य सरकारों को बंदूकों के साये में फिल्म का प्रदर्शन करवाना पड़ा था। क्या उन घटनाओं की पुनरावृति होने जा रही है। हालिया माहौल देखते हुए तो यही लग रहा है कि इसे रोकने में जिम्मेदार मंत्रालय नाकाम रहा है। ‘लवयात्री’ और ‘पद्मावत’ की तरह ‘केदारनाथ’ के प्रदर्शन का रास्ता कोर्ट की मदद से साफ़ किया जा सकता है।

केदारनाथ आपदा की याद आज भी हिन्दुओं को सिहरा देती है। देश के लिए न भरने वाला जख्म है केदारनाथ हादसा। इस सत्य घटना पर एक काल्पनिक लव जिहाद की कहानी बना दी गई है। आश्चर्य ये है कि देश के जवाबदार मीडिया ने इस फिल्म के विरोध में अब तक कोई स्टैंड नहीं लिया है। उलटे फिल्म का तगड़ा प्रमोशन किया जा रहा है। क्या मीडिया भूल गया कि उस हादसे में दस हज़ार लोग मारे गए थे? समाज के विरोध को देखते हुए अभिषेक कपूर और फिल्म के निर्माता निश्चित रूप से कोर्ट का रास्ता लेंगे। वे जानते हैं कि विदेश से आयातित न्याय प्रणाली हिन्दुओं की भावनाओं से फुटबॉल खेलते हुए फिल्म प्रदर्शन का रास्ता साफ़ कर देगी।

नोट: केदारनाथ फिल्म के लिए यह भी पढें-

‘फ़िल्म केदारनाथ’ श्री केदारनाथ की त्रासदी को घटिया प्रेम कथा और हनीमून स्पॉट बनाने की कवायद!

URL: controversy over Kedarnath film increased BJP demanded ban

Keywords: Kedarnath movie, Kedarnath movie controversy, love jihad, bjp demands ban, Bollywood vs Hinduism, bollywood, sushant singh, sara ali khan, hindu temple, केदारनाथ फिल्म, केदारनाथ फिल्म विवाद, लव जेहाद, बीजेपी, हिंदूवाद बनाम बॉलीवुड, सुशांत सिंह, सारा अली खान, हिंदू मंदिर,

आदरणीय पाठकगण,

News Subscription मॉडल के तहत नीचे दिए खाते में हर महीने (स्वतः याद रखते हुए) नियमित रूप से 100 Rs. या अधिक डाल कर India Speaks Daily के साहसिक, सत्य और राष्ट्र हितैषी पत्रकारिता अभियान का हिस्सा बनें। धन्यवाद!  

For International members, send PayPal payment to [email protected] or click below

Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/ WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9312665127
Vipul Rege

Vipul Rege

पत्रकार/ लेखक/ फिल्म समीक्षक पिछले पंद्रह साल से पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय। दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका, स्वदेश में बतौर पत्रकार सेवाएं दी। सामाजिक सरोकार के अभियानों को अंजाम दिया। पर्यावरण और पानी के लिए रचनात्मक कार्य किए। सन 2007 से फिल्म समीक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है। वर्तमान में पुस्तक लेखन, फिल्म समीक्षक और सोशल मीडिया लेखक के रूप में सक्रिय हैं।

You may also like...

Write a Comment

ताजा खबर