बलात्कार पीड़िता नन गिड़गिड़ाती रही, पोप से गुहार लगाती रही, लेकिन चर्च अट्टहास करता रहा!

‘बचपन से ही हमलोगों को यह विश्वास करना सिखाया गया है कि चर्च हमारी मां है। लेकिन अपने अनुभव के आलोक में मैं यह करने के लिए बाध्य हूं कि महिलाओं और आम लोगों के लिए चर्च एक सौतेली मां है।’ चर्च के खिलाफ ये तीखे शब्द किसी और के नहीं बल्कि पादरी के बलात्कार और अत्याचार से पीड़ित केरल निवासी नन के हैं। ये वही नन है जिन्होंने जालंधर के पादरी जेम्स फ्रैंक मुलक्कल के खिलाफ बलात्कार करने और अत्याचार करने का आरोप लगाया है। ये वही नन हैं जो इंसाफ के लिए हर किसी के सामने गिड़गिड़ाती रही, यहां तक कि पोप से गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उनकी पीड़ा पर ध्यान नहीं दिया बल्कि इसके उलट सारे पादरी और वाम बिरादरी उसे वेश्या बताकर उसपर हंसते रहे। उन्होंने पोप को सात पृष्ठ की लिखी चिट्ठी में बताया है कि जब उन्होंने बलात्कार के आरोपी पादरी के खिलाफ आवाज उठाई तो सारी चर्च मशीनरी को अपने खिलाफ पाया।

मुख्य बिंदु

* पीड़िता नन ने भारत के पोप को पत्र लिखकर चर्च में मची सड़ांध की खोली पोल

* बलात्कार के आरोपी पादरी के बहसी व्यवहार के कारण ही पिछले पांच सालों में 20 सिस्टर छोड़ चुकी हैं चर्च

पीड़िता नन ने आठ सितंबर को भारत के अपोस्टोलिक धर्मदूत गिआबाटिस्टा डाक्वाट्रो को सात पृष्ठ का एक पत्र लिखा। मालूम हो कि पोप के राजदूत को भारत में अपोस्टोलिक धर्मदूत माना जाता है। उन्होंने इस चिट्टी में अपनी दुर्दशा का पूरा विवरण दिया हुआ है। उन्होंने उसकी पूरी सूची भी दी है जिससे उन्होंने इस मामले में सहायता के लिए अनुरोध किया है। उनकी इस सूची में भारत के उस पोप का नाम भी शामिल है जिनसे उन्होंने सहायता करने का अनुरोध किया था। नन का कहना है कि किसी ने उनकी सहायता नहीं की। यहां तक भारत के पोप ने भी बलात्कार के आरोपी पादरी के खिलाफ कार्रवाई करने की कोई जहमत नहीं उठाई।

Further, she has alleged that the bishop is a predator, and has gone after several sisters, but no action has ever been taken against him. “I write this letter as a victim of sexual abuse who is seeking justice,” she says. But, the nun says she was scared of approaching her superiors with a complaint for the longest time.

पीड़िता नन ने आरोपी पादरी पर दरिंदा होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने कई सिस्टर को अपनी हवस का शिकार बना चुका है, इसके बावजूद कभी भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि उन्होंने यह पत्र एक यौन उत्पीड़न पीड़िता के रूप में लिखा है जो इस मामले में न्याय चाहती है। चर्च के माहौल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीड़िता नन इस संदर्भ में अपने वरिष्ठ से शिकायत करने में डरती थी। इसलिए उन्हें पादरी के खिलाफ अपने वरिष्ठ से शिकायत करने में इतना वक्त लग गया। उन्होंने कहा कि पादरी ने उनसे कई बार बलात्कार किया लेकिन वह अपने सुपीरियर से उसकी शिकायत तक नहीं कर सकी। हालांकि भय के कारण उन्होंने संकेत में बार-बार बताया कि पादरी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई इसलिए कर रहा है क्योंकि मैंने उसके साथ सोने का विरोध किया था। लेकिन किसी ने उनके इन शब्दों की गंभीरता को समझने का प्रयास ही नहीं किया। पीड़िता ने कहा है कि उसने इससे अधिक इसलिए नहीं बताया क्योंकि उसे डर था कि आरोपी पादरी फ्रैंको वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से नुकसान पहुंचा सकता है।

वैसे भी आरोपी पादरी के खिलाफ ऐसे कई आरोप हैं। उसकी गिद्ध दृष्टि चर्च के कई सिस्टरों पर थी। कइयों को उसने अपनी वासना का शिकार भी बनाया है। उसकी वहशी व्यवहार के कारण पिछले पांच सालों में कम से 20 सिस्टर ने चर्च को छोड़ दिया।

URL: Kerala Rape Victim Nun Writes Letter To Vetican Pope Against Bishop James Franko Mulakkal

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