एक मंदबुद्धि बच्चा मचल-मचल कर किसी का मजाक उड़ा रहा हो जैसे, ऐसी ही हरकत राहुल गांधी की है!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह का व्यायाम करते हुए अपने योग वीडियो को क्या डाला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी उन पर टूट पड़ी। राहुल गांधी ने उसी दिन पांच सितारा होटल ताज में राजनीतिक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था, जिसमें उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के समक्ष पीएम मोदी के फिटनस वीडियो का मजाक बनाते हुए कहा था-It’s bizarre! यानी बड़ा ही अजीब वीडियो है। प्रणव मुखर्जी मौन रहे। फिर राहुल कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी के पास पहुंचे और उनके समक्ष इस वीडियो को लेकर टिप्पणी की, जिस पर येचुरी ने कहा कि ‘अरे मुझे तो कम से कम छोड़ दो!’

एक मंदबुद्धि बच्चा मचल-मचल कर किसी का मजाक उड़ा रहा हो जैसे, ऐसी ही हरकत राहुल गांधी की थी। चूंकि राजकुमार ने प्रधानमंत्री का मजाक उड़ा दिया तो राजतंत्र की मानसिकता वाली पूरी कांग्रेस पार्टी मीम वीडियो बनाकर देश के पीएम और उनके योग आसन का मजाक बनाने लगी। कांग्रेस ने MEME VIDEO में भी अपने फेक न्यूज पार्टनर यानी एनडीटीवी और द वायर के ‘पीडी पत्रकारों’ के बयानों का उल्लेख कर प्रधानमंत्री का उपहास उड़ाने का प्रयास किया। लेकिन काश राहुल गांधी अपने नाना जवाहरलाल नेहरू के लिखे ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ को पढ़ लेते तो योग का कभी इस तरह मजाक नहीं उड़ाते!

और जिस नेहरू के नाम पर कांग्रेस पार्टी आज तक राजनीति कर रही है, उसका एक भी नेता यदि ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ को पढ़ लेता तो भारतीय योग दर्शन को इटालियन नजर से देखने की हिम्मत नहीं करता! लेकिन कहावत है न- ‘भैंस के आगे बीन बजाए, भैंस खड़ी पगुराए!’ आज इटालियन मानसिकता वाली कांग्रेस और उसके पीडी पत्रकारों की हालत भैंस जैसी हो गयी है, इसलिए उन्हें भारत से अधिक इटली और योग से अधिक मीम समझ में आता है!

प्रधानमंत्री मोदी ने अपना योग वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था- योग सहित यह मेरा सुबह का व्यायाम है। मैं एक ऐसे ट्रेक पर चलता हूं, जो पंचतत्वों से प्रेरित है। पंचतत्व- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश-जो हमें प्रकृति से जोड़ती है। प्रकृति और योग की इतनी सुंदर व्याख्या का भी राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी मजाक उड़ाने से नहीं चूकी। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने डिस्कवरी ऑफ इंडिया में योग पर लिखा है

पतंजलि का योग दर्शन शरीर और मन के संयम का एक तरीका है, जिससे मानसिक और आत्मिक शिक्षा मिलती है।…. यह दर्शन शरीर के कुछ करतबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका आधार यह मनोवैज्ञानिक ख्याल है कि मन की ठीक-ठाक शिक्षा हो, तो एक उंचे ढंग की चेतना पैदा हो जाती है। इस तरीके का मकसद यह है कि आदमी खुद चीजों की जानकारी हासिल करे…यह एक प्रयोगात्मक पद्धति है, इसलिए इसे कोई भी ग्रहण कर सकता है, चाहे उसका नजरिया कैसा भी हो?

नेहरू योग का फायदा गिनाते हुए लिखते हैं-

शरीर को चुस्त रखने का यह खास हिंदुस्तानी तरीका सचमुच बड़े मार्के का है। यदि हम दूसरे आम तरीकों जिनमें उछल-कूद रहती है, जिस्म को तरह-तरह के झटके दिए जाते हैं, यहां तक कि आदमी थमकर रह जाता है, हांफ जाता है, तो योग का यह तरीका सचमुच जबरदस्त है।… आसन का यह तरीका शायद हिंदुस्तान के लिए अपना और उसके फिलसफे के अनुकूल है। इसमें एक खास सम-तौल है और शरीर को कसरत कराते हुए भी इसमें एक अविचलित शांति है। इससे शक्ति को खर्च किये बगैर आदमी ताकत और चुस्ती हासिल कर लेता है और इसी वजह से आसन सभी उम्र के लोगों के लिए ठीक है। यहां तक कि इसे बूढ़े लोग भी कर सकते हैं।

पंडित नेहरू ने खुद योग करने का उल्लेख करते हुए लिखा है-

योग के आसन बहुत तरह के हैं। इधर कई वर्षों से, जब-जब मुझे मौका मिला है, मैं इनमें से कुछ सीधे-सादे और चुने हुए आसनों का प्रयोग करता रहा हूं। इसमें शक नहीं कि शरीर और मन के लिए जैसी प्रतिकूल हालतों में मुझे अकसर रहना पड़ता है, उसमें इनसे मुझे बड़ा फायदा हुआ है।…शरीर के साथ-साथ, जिसे योग दर्शन में नैतिक प्रवृत्ति कहा गया है-जिसमें उचित खान-पान करना और अनुचित खान-पान से बचना शामिल है- वह भी जरूरी है। इसके अंदर अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य आदि आते हैं। अहिंसा के माने शरीरिक बल प्रयोग से बचना ही नहीं, बल्कि मन को घृणा और द्वेष से बचाए रखना भी है।

पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाती राहलु गांधी अपने मन में योग और योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कितनी घृणा और द्वेष बनाए हुए हैं, यह प्रधानमंत्री की यौगिक क्रियाओं का उड़ाए जा रहे उपहास से परिलक्षित होता है। राहुल गांधी नरेंद्र मोदी के प्रति देश में जिस तरह की नफरत बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, उससे उन्हें बिना योग किए मुक्ति नहीं मिल सकती है। कांग्रेस पार्टी, उसके कार्यकर्ता और पीडी पत्रकार तो केवल अनुचर हैं। जिस दिन राहुल गांधी की दिमागी हालत सुधर जाएगी, उसी दिन ये लोग भी सुधर जाएंगे। मालिक के पक्ष में भौंकने और उछल-कूद मचाने के कारण ये सब पशु गति को प्राप्त हैं!

पंडित नेहरू ने लिखा है कि ज्ञान का एक मात्र आधार अनुभव है। भारतीय योग पद्धति और उसे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में पूरी दुनिया से स्वीकार्यता दिलवाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की यौगिक क्रियाओं का मजाक उड़ाने से पहले राहुल गांधी को योग के अनुभव से गुजरना चाहिए।

राहुल गांधी, आप प्रणायाम और कपालभाति कीजिए! चापलूस आपको नहीं बताएंगे, लेकिन कभी आईने में अपनी शक्ल देख लीजिए! आप चरसी और नशेड़ी की तरह दिखते हैं और यह अशांत मन की उपज है। आपके नाना नेहरू ने ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ में लिखा है कि योग करने से एकाग्रता आती है। जिस नेहरू की विरासत को आप ढो कर गदहे से घोड़े बनने की कल्पना में सरपट ढेंचू-ढेंचू कर रहे हैं, कम से कम अपने उस नाना की बात को ही मान लीजिए! योग कीजिए! आप और आपके समर्थक दिनों-दिन मानसिक रूप से बीमार होते जा रहे हैं!

URL: Rahul Gandhi says Modi’s fitness video bizarre

Keywords: RG asks CitiznMukherjee, Have you seen the PM’s fitness video? It’s bizarre, Rahul Gandhi, Attack on PM Modi, Yoga, Jawaharlal Nehru,

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