Watch ISD Live Now Listen to ISD Radio Now

Tagged: hindi literature

0

शब्द की नाव में , भाषा की नदी का सौंदर्य और बिंब विधान रचने वाले अरविंद कुमार अब नहीं रहे

दयानंद पांडेय मेरे मानस पिता , मेरे गुरु , शब्द-साधक , हिंदी थिसारस के प्रणेता , संपादक अरविंद कुमार देह से भले गए हैं पर हैं तो हम सब के साथ ही। सर्वदा रहेंगे।...

0

प्रेमचंद के पैरों की धूल भी आप नहीं हैं संजय सहाय!

वह पत्रिका हिंदी साहित्य की सबसे प्रगतिशील पत्रिका मानी जाती है. हिंदी साहित्य में विमर्श के आरम्भ के लिए पूरा साहित्यिक समाज हंस पत्रिका का ही मुंह ताकता है. वह हंस को एक ऐसी...

0

जिसे तुलसी, सूर का ज्ञान नहीं वह प्रकाशक है! सोचिए हमारी हिंदी के प्रति वह कितनी नफरत से भरी है!

किताबें इंसानों के लिए सबसे बड़ा दोस्त बताई जाती हैं, और हैं भी! जो भी उत्तर नहीं मिल रहा हो, वह आपको झट से किसी न किसी किताब में मिल जाएगा। आज किताबें ऑनलाइन...

0

हिंदी का बाज़ार बढ़ रहा है, लेकिन एक खास विचाधारा ने हिंदी साहित्य को मृतप्राय बना दिया है!

सोनाली मिश्रा। एक बार फिर से साहित्य अकादमी सम्मानों की घोषणा हुई है और एक बार फिर से उन्हें विवादों में घसीट लिया गया है। हालांकि विवादों के बिना पुरस्कार और सम्मान याद नहीं...

ताजा खबर
भारत निर्माण

MORE