Watch ISD Videos Now Listen to ISD Radio Now

यह किताब इस्लामी बुनियाद को हिलाकर रख देगी!

Robert Spencer की इस पुस्तक का दुनिया लंबे समय से इंतजार कर रही है। 6 August को यह पुस्तक विदेश में लांच होगी। भारत में मंगवाने पर यह महंगा पड़ेगा। करीब 1800 का। मेरे लिए एक कॉपी मेरे मित्र Kamal Rawat ने बुक किया है।

जिहाद वॉच के संस्थापक रॉबर्ट स्पेंसर ने पैगंबर मोहम्मद से लेकर ISISI तक तथ्यों के साथ जेहादी आतंक को सामने रखा है। वह लिखते हैं, Muhammad, the prophet of Islam, who said “I have been made victorious through terror.”

‘द ट्रूथ एबाउट मोहम्मद’ जैसी पुस्तकों को मिलाकर रॉबर्ट ने अभी तक 18 पुस्तकें लिखी हैं, और उनकी अधिकांश पुस्तक ‘इसलाम शांति का मजहब’ की झूठी अवधारणा को बुरी तरह से एक्सपोज करता है।

आज इसलाम के नाम पर पूरी दुनिया में जिस तरह से मानवता की हत्या की जा रही है, और जिस तरह से मौन रहकर मुस्लिम बिरादरी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उसे सपोर्ट कर रही है, उसने दुनिया के छोटे ही सही, लेकिन बौद्धिकों के एक वर्ग को हिला रखा है, और फिर कुरान, हदीस, शरियत का पोस्टमार्टम शुरू हो चुका है।

भारत में भी पोलिटिकल इसलाम का खतरा बढ़ता जा रहा है। विश्व कप में भारत की हार पर कश्मीर में जश्न मनाया जाता है, खुलकर पाकिस्तान के पक्ष में देश में नारेबाजी की जा रही है, भारत के टुकड़े करने की मंशा वालों को पोलिटिकल-मीडिया का सपोर्ट मिल रहा है, मुस्लिम द्वारा गला काटने पर चुप्पी, और सीट के झगड़े को लिचिंग बताकर हिंदुओं को बदनाम करने का प्रयास, जावेद अख्तर, शबाना आजमी, एजाज खान जैसों की धमकी भरी सड़क छाप भाषा दर्शा रही है कि मुसलमान वोट बैंक से ब्लैकमेलिंग की ताकत खोने के कारण अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं।

मुसलमानों का यदि कोई बौद्धिक बिरादरी है तो इसे समझे, अन्यथा वह खुद देख ले कि वह अपने लिए दुनिया का सबसे सहिष्णु समाज (हिंदू) और सबसे सहिष्णु देश (भारत) में भी अपना जगह धीरे-धीरे खोता चला जाएगा। वर्तमान भारत में इसलाम के खिलाफ लिखने वाला रॉबर्ट स्पेंसर जैसा लेखक नहीं है।

ऐसा न हो कि यहां भी हर भाषा में ऐसे लेखक पैदा होने लगे, फिर इसलाम की बुनियाद हिल जाएगी। समय रहते मुस्लिम बिरादरी सचेत हो जाए, और सह अस्तित्व के साथ रहना सीख ले। यह दुनिया सह अस्तित्व से ही बचेगी, इस्लामिक राज्य जैसा मनोरोग पालने से नहीं। धन्यवाद।

Join our Telegram Community to ask questions and get latest news updates
आदरणीय पाठकगण,

ज्ञान अनमोल हैं, परंतु उसे आप तक पहुंचाने में लगने वाले समय, शोध, संसाधन और श्रम (S4) का मू्ल्य है। आप मात्र 100₹/माह Subscription Fee देकर इस ज्ञान-यज्ञ में भागीदार बन सकते हैं! धन्यवाद!  

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Select Subscription Plan

OR

Make One-time Subscription Payment

Other Amount: USD



Bank Details:
KAPOT MEDIA NETWORK LLP
HDFC Current A/C- 07082000002469 & IFSC: HDFC0000708  
Branch: GR.FL, DCM Building 16, Barakhamba Road, New Delhi- 110001
SWIFT CODE (BIC) : HDFCINBB
Paytm/UPI/Google Pay/ पे / Pay Zap/AmazonPay के लिए - 9312665127
WhatsApp के लिए मोबाइल नं- 9540911078

ISD Bureau

ISD Bureau

ISD is a premier News portal with a difference.

You may also like...

15 Comments

  1. Avatar Vivek Joshi says:

    इस किताब का kindli edition भी होगा क्या ?

  2. Avatar Ravi Tyagi says:

    Very Nice info.

  3. Avatar मनोहर परिहार says:

    सर नमस्कार लक्ष्मी नामा बुक कहाँ से मंगा सकते हैं

  4. Avatar chandra Prakash bhatia says:

    सही व सराहनीय है । इस्लाम की झूठी ओर फ़रेबी अवधारणा का पर्दाफाश होना चाहिए ।

  5. Avatar MEERA SINGH says:

    उस दिन का इंतजार जब भारत के लेखक और मीडिया भी ऐसी किताबें जनता को ऊप्लभ्ध कराने की हिम्मत करेंगे

  6. Avatar Shabnam says:

    Islam shanti ka prateek hai ye baat utni hi sacchi hai jitna islaam saccha hai.teror ka koi mazhab nahi hota

  7. Avatar Md j khan says:

    हर धर्म की सही गलत व्याख्या की जा सकती है

  8. इस्लाम। कहां गया शांति का संदेश देता है! इन्सानियत का भी यही कहना है । दुनिया में सब इंसान बराबर है तो ,,, फिर,,,,,, काफ़िर क्यों?
    तब शिया क्यों और सुन्नी क्यों। सलाफी और बहावी क्यों।
    सदियों से मिडिल ईस्ट , जहां से ,,ईसा और मूसा ,,पैदा हो कर इंसान से मुहब्बत करो के पैगाम की जगह ,खून खराबे की कहानियां तब से आज तक दोहरा रहा है। , करबला से सीरिया तक।
    इस का दायरा दुनिया के हर हिस्से में फैलने में लगा हुआ है। मुहब्बत से नहीं , तलवार और बंदूकों से ,नाम दिया जाता है ,,, जिहाद,,। किसके बरखिलाफ और क्यों ? यह किस तरह का शांति का पैगाम है? या तो इस्लाम कबूल करो या मरो। इन्सानियत के नाम पर कत्लेआम ,किसे खुश करने के लिए। पैगम्बर मुहम्मद साहब ने ऐसा कहीं नहीं कहा।
    कुदरत का कानून हैं,। जो इन्सान और इन्सानियत का बेमतलब खून बहाता है ,जब तक घड़ा नहीं भरता खूब उछल-कूद मचाता है ,फिर कायनात से मिट जाता है। , सिकंदर ,, चंगेज खान, तैमूर लंग,हिटलर, मुसलोनी ,आटोमन और बहुत से नाम है जिन्हें अब कोई याद नहीं करता ।
    शांति के पैगाम देने वाले को उनके अनुयायियों ने अपने स्वार्थ के लिए खाली इस्तेमाल किया, वक्त सबको सही तरीके से निपटा लेता है।

  9. Avatar Mohsin says:

    Dalali band karo,
    Dalali media.
    Islam is best
    Jitna badnam karo ga utna falenga Yeh Islam ki shaan ha.
    Tumari lagai hui ag ma tum hi jalo jalo ga.

  10. Avatar hasan says:

    https://www.youtube.com/playlist?list=PLXGvwaNoPgpeQ44PvRukUyvajgErqUW49

    read it plz .
    in last 1450 years this tree has been grown taller and roots have gone deeper, few muslims have lost their ways and they are paying for that.
    forget disrooting the truth with fake interpretations.

  11. Avatar sameer says:

    sabki apni soch hai magar ye bhi sach hai k duniya k tamam dharm ko man ne wale ye jaan chuke hai k duniya mai or duniya k baad siwa khuda k poojne yogya koi nahi hai tabhi sabhi khas kar rss wale india or india k bahar ye jhut faila rahe hai k muslim desh bhakt nahi yaad rahe jab ek ungli aap kisi par uthate ho to 3 ungli aapki or ishara karti hai yaani dusre ko kuch kahne se pahle apne gire baa mai jhaank lo

  12. Avatar Nadeem ahamad says:

    Tumhari bahan ki choot salo gaddaro bhagwa Rss Aatankiyo tumne desh ko barbad kar diya Randiyo ko tum jaise bhagwa aatanki bas Hindu Muslim karwate ho or China Pakistan hamare Sainiko ko mauka dekhkar mar deta hai Hum kahte hai salo Islam dharm Shanti ka dharm or sachcha dharm hai tum abhi kuchh nahi jante suaro

Write a Comment

ताजा खबर
हमारे लेखक