कश्मीर में पत्थरबाजी बंद न हो जाए तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा

भाजपा नेता व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कश्मीर में पनप रहे अलगाववाद, कटटरवाद और पत्थरबाज़ी रोकने का दस सूत्रीय फार्मूला सुझाया है। अश्विनी ने दावा किया है कि ये दस सूत्रीय कार्यक्रम अपनाने के बाद कश्मीर में ये समस्याएं हमेशा के लिए विदा हो जाएगी। उन्होंने अपने फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर अपने इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया है। ट्विटर और फेसबुक पर सैकड़ों लोग उनके कार्यक्रम का समर्थन कर रहे हैं। अश्विनी ने कहा है कि इस कार्यक्रम को अपनाने के बाद समस्याएं हल न हो तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे और किसी को मुंह नहीं दिखाएंगे।

1: अलगाववाद, कट्टरवाद तथा पत्थरबाजी का स्थायी समाधान सुझाते हुए अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान समय में  दो नाम (भारत और इंडिया) दो राष्ट्रगान (जन-गण-मन और वंदेमातरम) दो निशान (तिरंगा और कश्मीर का झंडा) दो विधान तथा दो संविधान (कश्मीर और शेष भारत का संविधान) लागू है और यह दोहरी व्यवस्था ही अलगाववाद, कट्टरवाद, आतंकवाद तथा पत्थरबाजी का सबसे प्रमुख कारण है इसलिए आर्टिकल 35A और 370 को तत्काल समाप्त करें तथा एक देश, एक नाम, एक राष्ट्रगान, एक निशान, एक विधान और एक संविधान लागू करना आवश्यक है।

 

  1. दूसरे सुझाव में अश्विनी ने कहा कि मदरसों से डॉक्टर इंजीनियर प्रोफेसर या कलेक्टर नहीं निकलते हैं तथा समान शिक्षा के बिना सभी बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराना भी असंभव है इसलिए मदरसों को बंद करें तथा 6-14 साल के सभी बच्चों के लिए समान शिक्षा लागू करें।कन्याकुमारी तथा कच्छ से कामरूप तक सभी बच्चों का सिलेबस एक समान होना चाहिए

 

  1. आतंकवादियों, अलगाववादियों, कट्टरपंथियों तथा पत्थरबाजों की फंडिंग हवाला और कालाधन से होती है इसलिए सौ रुपये से बड़ी नोट तत्काल बंद करें, दस हजार रुपये से महंगे समान का कैश लेन-देन बंद करें तथा एक लाख रुपये से महंगी चल-अचल संपत्ति को आधार से लिंक करें।

  1. आतंकवादियों, अलगाववादियों, कट्टरपंथियों, पत्थरबाजों और हवालाबाजों से सच उगलवाने के लिए अमेरिका की तरह नार्को एनालिसिस, पॉलीग्राफ और ब्रेनमैपिंग टेस्ट अनिवार्य करने के लिए कानून बनाएं।

 

  1. कालाधन, बेनामी संपत्ति तथा आय से अधिक संपत्ति रखने को देशद्रोह घोषित करें तथा ऐसे गद्दारों की शत-प्रतिशत संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास या फांसी की सजा देने के लिए तत्काल एक कानून बनाएं।

 

  1. अलगाववाद, कट्टरवाद, सेना पर पत्थरबाजी तथा हवाला कारोबार को देशद्रोह घोषित करें तथा ऐसे गद्दारों की शत-प्रतिशत संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास या फांसी की सजा देने के लिए तत्काल एक कानून बनाएं।

 

  1. आजतक एक भी अलगाववादी, आतंकवादी, चरमपंथी या पत्थरबाज नहीं मिला जिसके माँ-बाप ने “हम दो-हमारे दो” नियम का पालन किया हो इसलिए चीन की तर्ज पर सभी नागरिकों के लिए तत्काल एक कठोर और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाएं।

 

  1. देश में “सबका साथ-सबका विकास” लागू है इसलिए अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक का विभाजन बंद करें तथा अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय समाप्त करें।

 

  1. धर्म के आधार पर हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और पारसी के लिए बने कानूनों को समाप्त करें तथा सभी नागरिकों के लिए तत्काल एक समान नागरिक संहिता लागू करें।

 

  1. कालाजादू, पाखंड और धर्मांतरण के खिलाफ एक कठोर और प्रभावी कानून बनाएं, ऐसे लोगों को आजीवन कारावास की सजा देना जरूरी है।

 

भाजपा प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने अपना दस सूत्रीय सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ट्वीट कर दिया है। इस दस सूत्रीय फार्मूले पट जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आम जनता भी कश्मीर की समस्या के लिए इस फार्मूले का समर्थन कर रही है।

URL: If stone pelting  do not stop in Kashmir then I will retire from politics : Ashwini Upadhyay

Keywords: BJP leader, Ashwini Upadhyay, Jammu & Kashmir, Stone pelting, Pmo India, PM modi

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Vipul Rege

Vipul Rege

पत्रकार/ लेखक/ फिल्म समीक्षक पिछले पंद्रह साल से पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय। दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका, स्वदेश में बतौर पत्रकार सेवाएं दी। सामाजिक सरोकार के अभियानों को अंजाम दिया। पर्यावरण और पानी के लिए रचनात्मक कार्य किए। सन 2007 से फिल्म समीक्षक के रूप में भी सेवाएं दी है। वर्तमान में पुस्तक लेखन, फिल्म समीक्षक और सोशल मीडिया लेखक के रूप में सक्रिय हैं।

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1 Comment

  1. Avatar रमेश उनियाल says:

    ये न केवल कश्मीरियों के लिए नही बल्किबपूरे भारत के लिए करनी चाहिए ।
    11- एक ग्यारहवां कार्य भी होना चाहिए ।। इस देश कानाम india या भारत कानूनन खत्म कर देना चाहिए । इस देश का नाम सिर्फ और सिर्फ ” हिंदुस्तान ” होना चाहिये ।।
    एक और यदि आपको उचित लगे तो:-
    12 – प्रत्येक मुश्लिम अपने आपको लिखे ” हिन्दू मुश्लिम ” .

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