अटल के सपने को आखिर कब पूरा करेंगे प्रधानमंत्री मोदी ?

25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती थी। मोदी सरकार के मंत्रियों से लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं तक उनकी जयंती मनाने में मशगूल दिखे, लेकिन वाजपेयी के सपने को पूरा करने को लेकर कोई गंभीर नहीं दिखे। गौर हो कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में जस्टिस वेंकटचलैया आयोग का गठन किया था। जो बाद में संविधान समीक्षा आयोग के नाम से जाना गया। इस आयोग की सिफारिशों को यूपीए सरकार ने अपनी सुविधा के अनुरूप लागू कर दिया लेकिन मुख्य सिफारिशों को पीछे ढकेल दिया। यूपीए सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान, सूचना का अधिकार, मनरेगा और मिड डे मील जैसी सिफारिशों को तो लागू कर दिया, लेकिन जनसंख्य नियंत्रण कानून जैसी मुख्य सिफारिशों को गौण कर दिया। मोदी सरकार करीब साढ़े चार साल तक सत्ता में रहने के बावजूद मुख्य सिफारिशों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया है। सवाल उठता है कि युग द्रष्टा रहे अटल बिहारी वाजपेयी का सपना मोदी सरकार पूरा नहीं करेगी तो और कौन? इसी संदर्भ में भाजपा प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिकखर वाजपेयी के सपने को पूरा करने के लिए ध्यान आकृष्ट किया है। वेंकटचलैया ने अपनी रिपोर्ट तब के कानून मंत्री तथा वर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली को ही सौंपी थी। उपाध्याय ने मोदी को इस बारे में याद दिलाने के लिए जेटली को पत्र लिखा है।

आदरणीय वित्तमंत्री जी, नमस्ते I

आप तो जानते हैं कि वोटबैंक राजनीति के कारण 25 प्रतिशत भारतीय संविधान आज तक लागू नहीं किया गया। अटल जी द्वारा बनाए गए संविधान समीक्षा आयोग (जस्टिस वेंकटचलैया आयोग) के 50 प्रतिशत सुझावों को भी जानबूझकर छोड़ दिया गया। आप यह भी जानते हैं कि देश का एक भी जिला, तहसील, थाना या सरकारी विभाग भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। जबकि भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त किए बगैर और भारतीय संविधान तथा वेंकटचलैया आयोग के सुझावों को शत-प्रतिशत लागू किए बिना रामराज्य अर्थात स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, साक्षर भारत, समृद्ध भारत, संबल भारत, सुरक्षित भारत, समावेशी भारत, स्वावलंबी भारत, स्वाभिमानी भारत, संवेदनशील भारत तथा अपराध-मुक्त भारत का सपना साकार नहीं होगा। इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि देशहित और जनहित में निम्नलिखित विषयों पर अपनी स्पष्ट राय सार्वजनिक करें। I

1.भारत की 50 प्रतिशत मस्याओं का मूल कारण जनसँख्या विस्फोट है । क्या आप सहमत हैं कि जनसँख्या नियंत्रण के लिए जस्टिस वेंकटचलैया आयोग का सुझाव तत्काल लागू करना चाहिये?

2.श्यामा प्रसाद जी का सपना था – “एक देश, एक विधान और एक संविधान” लेकिन आज तक आर्टिकल 35A, आर्टिकल 370 और कश्मीर के अलग संविधान को समाप्त नहीं किया गया । क्या आप सहमत हैं कि श्यामा प्रसाद जी का सपना तत्काल साकार करना चाहिए?

3.सरदार पटेल का सपना था – “एक देश, एक नाम और एक निशान” लेकिन आज भी हमारे देश का दो नाम (भारत और इंडिया), दो निशान (तिरंगा और कश्मीर का झंडा) जारी है। क्या आप सहमत हैं कि सरदार पटेल का सपना तत्काल साकार करना चाहिए?

4.लोहिया जी कहते थे कि समान शिक्षा (समान पाठ्यक्रम) लागू किये बिना सबको समान अवसर उपलब्ध कराना नामुंकिन हैI। क्या आप सहमत हैं कि लोहिया जी का सपना साकार करने के लिए “एक देश-एक कर” की तरह पूरे देश में “एक देश-एक शिक्षा बोर्ड” लागू करना चाहिए ?

5.क्या आप सहमत हैं कि देश की एकता-अखंडता और आपसी भाईचारा को मजबूत करने तथा किसान-मजदूर के गरीब बच्चों को सरकारी नौकरियों में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए देश के प्रत्येक जिले में प्रतिवर्ष एक केंद्रीय विद्यालय खोलना चाहिए?

6.बाबा साहब अंबेडकर देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता चाहते थे और संविधान का आर्टिकल 44भी यही कहता है ।Iक्या आप सहमत हैं कि धर्म के आधार पर बने कानूनों को समाप्त कर बाबासाहब का समान नागरिक संहिता का सपना साकार करना चाहिए?

7.धर्म के आधार पर देश का बंटवारा पहले हो चुका है।Iसंविधान या कानून में अल्पसंख्यक की परिभाषा नहीं है, इसीलिए लक्षदीप के 96 प्रतिशत मुसलमान अल्पसंख्यक और मिजोरम के 2प्रतिशत हिंदू बहुसंख्यक कहलाते हैं। क्या आप सहमत हैं कि धर्म के आधार पर अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक विभाजन समाप्त करने के लिए संविधान में संशोधन करना चाहिए?

8.शराब-मुक्त भारत और नशा-मुक्त देश गांधी जी का सपना था। संविधान का आर्टिकल 47भी यही कहता है। शराब और नशे के कारण लाखों परिवार बर्बाद हो चुके हैं, युवाओं पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ रहा है और हमारी भारतीय संस्कृति नष्ट हो रही है। क्या आप सहमत हैं कि शराब और नशे के कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर गांधी जी का सपना साकार करना चाहिए?

9.देश की एकता-अखंडता और आपसी भाईचारा मजबूत करने के लिए नागरिकों को अपने मौलिक कर्तव्य (आर्टिकल 51A) का ज्ञान होना बहुत जरुरी है। क्या आप सहमत हैं कि मौलिक कर्तव्य के प्रचार-प्रसार के लिए जस्टिस वेंकटचलैया आयोग का सुझाव तत्काल लागू करना चाहिए?

10.वर्तमान समय में निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति के लिए राज्य स्तर पर परीक्षा का आयोजन होता है। लेकिन इसके कारण देश में जजों की क्षमता और गुणवत्ता अलग-2होती है और न्यायिक फैसले में अंतर होता है। क्या आप सहमत हैं कि जजों की नियुक्ति के लिए आर्टिकल 312 के अनुसार सिविल सेवा की तर्ज पर भारतीय न्यायिक सेवा (IJS)शुरू करनी चाहिए?

11.संविधान के आर्टिकल 343 के अनुसार हिंदी भारत की राजभाषा है इसलिए सांसदों और सरकारी कर्मचारियों को हिंदी का मौलिक ज्ञान जरुर होना चाहिए। क्या आप सहमत हैं कि सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी का एक प्रश्नपत्र अनिवार्य होना चाहिए?

12.आजादी के 70 साल बाद भी सुप्रीम कोर्ट का सभी कार्य अंग्रेजी भाषा में होता है जबकि 90प्रतिशत भारतीय हिंदी भाषा का उपयोग करते हैं। क्या आप सहमत हैं कि आर्टिकल 348 के अनुसार एक कानून बनाकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हिंदी भाषा लागू करना चाहिए?

13.संविधान के आर्टिकल 351के अनुसार हिंदी और संस्कृत का प्रचार-प्रसार करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। क्या आप सहमत हैं कि शिक्षा अधिकार कानून में संशोधन द्वारा 6-14 साल के सभी बच्चों के लिए हिंदी और संस्कृत विषय का पठन-पाठन अनिवार्य करना चाहिए ?

14.संविधान सभा के 24.1.1950 के प्रस्ताव के अनुसार “जन-गन-मन” और “वंदेमातरम” भारत का राष्ट्रगान है और यह एक गलत धारणा है कि “वंदेमातरम” हमारा राष्ट्रगीत है। क्या आप सहमत हैं कि इन दोनों में से किसी एक को राष्ट्रगान और दूसरे को राष्ट्रगीत घोषित करना चाहिए ?

15.अंग्रेजों द्वारा 1860में बनाई गयी भारतीय दंड संहिता, 1861में बनाया गया पुलिस एक्ट, 1872 में बनाया गया एविडेंस एक्ट और कई अन्य कानून आज तक लागू है, इसके कारण लोगों को बहुत देर से न्याय मिल रहा है। क्या आप सहमत हैं कि अंग्रेजों द्वारा बनाए गए सभी कानूनों को समाप्त करना चाहिए और 25 साल से अधिक पुराने कानूनों की समीक्षा करनी चाहिए ?

16.क्या आप सहमत हैं कि अलगाववादियों, चरमपंथियों, नक्सलियों और पत्थरबाजों की सौ प्रतिशत संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने के लिए वर्तमान संसद सत्र में ही चीन की तर्ज पर कठोर और प्रभावी कानून बनाना चाहिए?

17.क्या आप सहमत हैं कि रोहिंग्या और बंगलादेशी घुसपैठियों की सौ प्रतिशत संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने के लिए तत्काल एक केंद्रीय कानून बनना चाहिए?

18.क्या आप सहमत हैं कि असम की तरह पूरे देश में रोहिंग्या और बंगलादेशी घुसपैठियों की पहचान करना चाहिए और उन्हें वापस स्वदेश भेजने तक जेल में रखना चाहिए?

19.क्या आप सहमत हैं कि अंधविश्वास और कालाजादू फैलाने वालों की सौ प्रतिशत जब्त करने और आजीवन कारावास की सजा देने के लिए तत्काल एक केंद्रीय कानून बनाना चाहिए?

20.क्या आप सहमत हैं कि अवैध रूप से धर्मांतरण कराने वालों की सौ प्रतिशत संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास की सजा देने के लिए एक केंद्रीय कानून बनाना चाहिए?
21.क्या आप सहमत हैं कि अलगाववाद को जड़ से समाप्त करने के लिए 100 रुपये से बड़े नोट तथा 10 हजार रुपये से महँगी वस्तुओं की खरीद के लिए नकद भुगतान पर प्रतिबंध लगाना चाहिए?

22. क्या आप सहमत हैं कि भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए एक लाख रुपये से महंगी वस्तुओं और संपत्तियों को आधार से लिंक करना चाहिए तथा बेनामी और आय से अधिक संपत्ति के मालिकों की सौ प्रतिशत संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने के लिए वर्तमान संसद सत्र में ही कानून में आवश्यक संशोधन करना चाहिए?

23.क्या आप सहमत हैं कि घूसखोरों, जमाखोरों, मिलावटखोरों, नशे के सौदागरों, मानव तस्करों तथा हवाला कारोबारियों की सौ प्रतिशत संपत्ति जब्त करने और उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने के लिए संबंधित कानूनों में तत्काल संशोधन करना चाहिए?

24.क्या आप सहमत हैं कि सजायाफ्ता व्यक्ति के चुनाव लड़ने, राजनीतिक पार्टी बनाने और पार्टी पदाधिकारी बनने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के लिए कानून में संशोधन करना चाहिए?

25.क्या आप सहमत हैं कि पार्षद, प्रधान, विधायक और सांसद का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता और अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण होना चाहिए?

आशा करता हूँ कि राष्ट्रवाद से संबंधित उपरोक्त सभी विषयों पर देशहित और जनहित में आप अपनी स्पष्ट राय जरूर सार्वजनिक करेंगे।

हार्दिक धन्यवाद और आभार

अश्विनी उपाध्याय

URL : when Prime Minister Modi will complete the dream of Atal !

Keyword ; A letter to jaitley, central finance minister, bjp leader, bjp spokesperson, ashwini upadhyay, जस्टिस वेंकटचलैया आयोग, संविधान समीक्षा आयोग

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