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Category: पर्यटन

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अचरज…कैलाश पर्वत की तलहटी में एक दिन होता है ‘एक माह’ के बराबर!

कैलाश की दिव्यता खोजियों को ऐसे आकर्षित करती रही है, जैसे खगोलविद आकाशगंगाओं की दमकती आभा को देखकर सम्मोहित हो जाते हैं। शताब्दियों से मौन खड़ा कैलाश संसार के पर्वतारोहियों और खोजियों को चुनौती...

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आपको श्रीराम से संबंधित तीर्थस्थलों के दर्शन कराएगी रामायण एक्सप्रेस ट्रेन!

भगवान श्री राम से जुड़े तीर्थस्थलों के दर्शन कराने के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। रेलवे ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भगवान राम से जुड़े...

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कामाख्या मंदिर का अम्बुवासी मेला, तांत्रिक और छुपी हुई शक्तियों की प्राप्ति का महाकुंभ!

ॐ कामाख्याम कामसम्पन्नाम कामेश्वरिम हरप्रियाम । कामनाम देहि मे नित्यम कामेश्वरि नमोस्तुते ॥ Sanoj Kumar Pareek।। माता की शक्ति में जो लोग विश्वास करते हैं वह यहां आकर अपने को धन्य मानते हैं। जिन्हें...

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तंत्र विद्या और सिद्धि का केंद्र है कामाख्या मंदिर!

Sanoj Kumar Pareek।। कामाख्या शक्तिपीठ गुवाहाटी (असम) के पश्चिम में 8 कि.मी. दूर नीलांचल पर्वत पर है। माता के सभी शक्तिपीठों में से कामाख्या शक्तिपीठ को सर्वोत्तम कहा जाता है। माता सती के प्रति...

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यात्रा वृतांत: पिथौरागढ़, जिसे प्रकृति ने अपने हाथों से सजाया है, अंतिम भाग !

…कल हम चम्पवात से बाहर निकल गए थे। चम्पवात जिला मुख्यालय से वैसे लोहाघाट 14 किलोमीटर दूर है लेकिन कल हमने जहाँ यात्रा को विराम दिया था वहां से 8 किलोमीटर की दूरी है...

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पिथौरागढ़, जिसे प्रकृति ने अपने हाथों से सजाया है!

देव-भूमि उत्तराखंड में चहुँ और बिखरी नैसर्गिक सुंदरता आपको अपने मोहपाश में बांध लेगी। अनायास ही आपके मुँह से निकल पड़ेगा वाह! जन्नत है यहाँ! केवल लिखने की बात नही, मैं दावे से कह...

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शौर्य स्मारक भोपाल: भारत के लिए शहीद हुआ हर एक सैनिक यहाँ कहता है अपनी कहानी!

किसी किसी शहर में कदम रखते ही अपनेपन का अहसास होता है, जैसे कोई है, कुछ है जो आपको खींच रहा है। कोई कहानी है, जो आपको कानों में बात कहने के लिए बुला...

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एक राजा जो अपनी न्यायप्रियता के कारण बन गया न्याय का देवता ग्वैल उर्फ गोलूदेव!

भारत परंपराओं और आस्था का देश है। यदि मानवता के लिए किसी ने कभी कुछ किया है तो जन सामान्य उसे सम्मान देने से नहीं चूकता। नैनीताल में एक जगह है, घोड़ाखाल। यहां ग्वैल...

सभी मनोकामनाएं पूरी करते है जागेश्वर धाम के भोले नाथ !

उत्तरांचल के अल्मोड़ा जिले से लगभग चालीस किलोमीटर दूर चीड़ और देवदार के वृक्षों से घिरा जागेश्वर धाम जो शिवजी के बारहवें ज्योतिर्लिंग का गवाह है, जहाँ छोटे बड़े लगभग 125 मंदिर हैं. ऐसा...

पीएम मोदी जहां भी गए, वहां के पर्यटक भारत देखने के लिए उमड़ पड़े!

प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों पर सवाल और तंज करने वाले लोगों के लिए यह खबर निराश कर देने वाली हो सकती है! मोदी की विदेश यात्राओं ने भारत में विदेशी पर्यटन को नया...

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