Category: फिफ्थ कॉलम

0

राजदीप सरदेसाई की सोच देखिए! कह रहा है, जिस दिन संसद पर हमला हुआ, वह एक बेहतरीन पल था!

साल 2001 के दिसंबर में भारतीय संसद पर जिस आतंकी हमले में सात भारतीय नागरिक शहीद हो गए थे उस अमंगल दिन को स्वधन्यमान पत्रकार राजदीप सरदेसाई बेहतर पल मानते हैं । उनका यह...

0

सोनिया गांधी को बचाने के लिए इंडिया टुडे में क्रिश्चियन मिशेल का साक्षातकार कमलनाथ के बेटे ने किया था अरेंज!

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले के मुख्य आरोपी जिस क्रिश्चियन मिशेल को भारतीय जांच एंजेसी सीबीआई साल 2012 से खोज रही थी, उसके संपर्क में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के बेटे बकुल नाथ साल...

0

खालिस्तानियों को अपना मंच मुहैया करा रहे हैं द प्रिंट के संपादक शेखर गुप्ता

वैसे तो देसी मीडिया कभी भी भारतीय अखंडता का प्रतीक नहीं रहा है, लेकिन जिस प्रकार इस समय देश के खिलाफ विमर्श स्थापित करने का प्रचलन बढ़ा है वह अभी तक के सबसे निचले...

0

हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाला प्रशांत भूषण, रोहिंग्या को एक्सपोज करने वाली मधु किश्वर के खिलाफ पहुंचा थाने!

कृष्ण की तुलना रोमियो से करने वाला, राम की जगह बाबर को स्थापित करने वाला प्रशांत भूषण आज मुसलिमों का पक्षधर बनकर थाने पहुंच गए। भूषण ने मुसलिमों की मजहबी संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने...

0

भारत व हिंदुओं के प्रति आखिर कितने नफरत से भरे हैं हामिद अंसारी!

देश के पूर्व उप राष्‍ट्रपति हामिद अंसारी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है. दिल्ली में आयोजित सईद नकवी की किताब ‘बीइंग द अदर-‍द मुस्लिम इन इंडिया’ के विमोचन समारोह में अंसारी ने...

0

अमृतसर हादसे में पहले ‘पीडी पत्रकारों’ ने मोदी सरकार को आरोपी बनाया, लेकिन जब कांग्रेस फंसती दिखी तो खबर दबा दिया!

अगर आज मुख्यधारा की पत्रकारिता अविश्वसनीय बन गई है तो राजदीप सरदेसाई, शेखर गुप्ता, अभिषार शर्मा, रोहिनी सिंह, श्वाति चतुर्वेदी तथा आशुतोष मिश्रा जैसे स्वघोषित पीडी पत्रकारों की वजह से। इनलोगों को न तथ्य...

0

क्या राज है जिसे क्विंट के मालिक राघव बहल छिपा रहे हैं?

क्विंट के मालिक राघव बहल भी एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय की तरह मोदी सरकार के खिलाफ पत्रकारिता खतरे में है का पुराना राग आलापने वाले हैं। क्योंकि आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनके...

0

कठुआ में हिंदुओं को बदनाम करने वाले, जालंधर में बलात्कारी पादरी की आवभगत पर चुप हैं!

देश में मुख्यधारा की पत्रकारिता आज अगर गर्त की ओर अग्रसर है तो इसके लिए कोई और नहीं बल्कि कुछ दोगले पत्रकार ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि कुछ पत्रकार एक ही मामले को अलग-अलग नजरिये...

0

जातीय मानसिकता से ग्रस्त शेखर गुप्ता अब अजीत डोवाल को लेकर नौकरशाही में फैला रहे हैं जहर!

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल पर हमला करते हुए शेखर गुप्ता ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि दिल्ली में इतिहास बनाया जा रहा है, दोबारा नियम लिखे जा रहे हैं। पहली बार...

0

जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, वह देश का गद्दार निकला!

हाल ही में युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से पुरस्कृत निशांत अग्रवाल को यूपी के आतंकवादी विरोधी दस्ता ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसा आईएसआई के लिए जासूसी करते हुए गिरफ्तार किया है। निशांत नागपुर स्थित ब्रह्मोस...

0

कहां गए अवार्ड वापसी वाले भाड़े के Urban Naxals!

बंगाल में जिस प्रकार भाजपा की एक महिला नेता को सरेआम टीएमसी के नेताओं ने पीटा और अपमानित किया है उसे देखने के बाद वामियों और कांगियों को सांप सूंघ गया है। पीडी पत्रकारों...

0

सुप्रीम अदालत के फैसले को दरकिनार कर एनडीटीवी ने क्या अपने एजेंडा पत्रकार रविश कुमार को देश में दंगा कराने का ठेका दिया है

* धर्म को परिभाषित करते हुए अदालत अपनी काल्पनिक चेतना को लागू नहीं कर सकती- जस्टिस इंदु मल्होत्रा * पांचो आरोपियों की गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है। महाराष्ट्र पुलिस ने प्रेस कांफ्रेस कर मीडिया ट्रायल किया...

0

प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की साज़िश रचने वाले नक्सलियों के पक्ष में राजदीप सरदेसाई से लेकर राहुल गांधी तक उतरे!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह मारने का खुलासा जिस चिट्ठी से हुई है वह चिट्ठी जेएनयू के पूर्व छात्र रहे रोना विल्सन के घर से मिली है। रोना विल्सन...

0

फेक क्रांतिकारी कन्हैया कुमार ने दिखाया अपना वामपंथी चरित्र, पैसे देकर ब्लैकलिस्टेड पत्रिका में छपवाया अपना PhD थिसिस!

मैथिली में एक कहावत है ‘कुकर्मिये नाम कि सुकर्मिये नाम’ अर्थात प्रसिद्ध दो ही लोग होते हैं। एक जो अच्छा काम करे, वह अपने सुकर्म के लिए जाना जाता है, दूसरा वह जो बुरा...

0

2019 से पहले मोदी सरकार के खिलाफ कुछ फर्जी स्टिंग देखने के लिए तैयार रहिए! और हां, यदि आप मोदी समर्थक हैं तो आप भी बन सकते हैं आसान निशाना!

सुपारी पत्रकार आशीष खेतान ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है। उसने अपने फेसबुक पोस्ट में बताया है कि वह सक्रिय राजनीति को छोड़ रहा है। अब वह नियमित रूप से वकालत करेगा...

0

झूठ फैलाना, देश को गाली देना और उसे तोड़ने का प्रयास करना शेखर गुप्ता जैसे पत्रकारों का धंधा है!

पाकिस्तान सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह की पूरे देश में आलोचना हो रही है। सिद्धू की आलोचना के लिए शेखर गुप्ता...

0

केरल में आयी प्राकृतिक आपदा के बहाने देश तोड़ने का षड्यंत्र!

हर बार जब देश में आपदा आती हैं, तो अधिक से अधिक भारत विरोधी तत्व सक्रिय हो जाते हैं और खुद को उजागर करते हैं। ‘केरल बाढ़’ को उत्तर-दक्षिण विभाजन करने के एक अवसर...

0

देशद्रोह के आरोपी उमर खालिद पर हमले की पटकथा क्या पहले से तैयार थी?

देश, आजादी की 71वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी में है लेकिन देशद्रोह के आरोप में जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से निष्कासित छात्र में अपना हीरो ढूंढने वाले, क्राइम की स्टोरी लिखने और मिटाने में मगन...

0

आईआईटी मुंबई के छात्रों ने वामपंथी प्रोपोगंडावादी वेब ‘द वायर’ की फेक न्यूज़ की खोली पोल!

द वायर ने अपनी आदत अनुरूप इस बार मुंबई आईआईटी संस्थान की प्रतिष्ठा के साथ मोदी को बदनाम करने के लिए फेक न्यूज को प्रसारित किया है। उसने लिखा है कि दीक्षांत समारोह में...

0

लेखकीय नीचता, निकृष्टता और पतन की पराकाष्ठा उघड़ी! पुरस्कार वापसी और असहिष्णुता अभियान की विश्वनाथ तिवारी ने खोल कर रख दी पोल!

हम तो पहले दिन से कह रहे थे कि अवार्ड वापसी एक प्रायोजित षडयंत्र था! असहिष्णुता पर पुरस्कार लौटाने का प्रहसन रचनेवाले स्वयं कितने असहिष्णु थे, इसका खुलासा स्वयं साहित्य अकादमी अध्यक्ष विश्वनाथ तिवारी...

ताजा खबर