मुसलिम सांसद ने पत्रकारों को कहा ‘कुत्ते का बच्चा’! लुटियंस दिल्ली के सेकुलर ‘कुक्कुर’ खामोश!



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जिस प्रकार असम के हाटसिंगमारी में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने एक सवाल पूछने पर पत्रकारों को ‘कुत्ते का बच्चा’ कहते हुए सिर कुचलने की धमकी दी है, अगर उसकी जगह कोई भाजपा सांसद ऐसा किया होता तो देश में क्या होता? निश्चित रूप से उनके खिलाफ आग उगलने वाले कई पत्रकार सामने आ गए होते, या फिर नसीरूद्दीन शाह जैसे लोग देश में डर के माहौल से थर-थर कांपने के अभिनय का रिहलसल वीडियो जारी कर चुके होते। लेकिन संयोग है कि यह किसी हिंदू सांसद या भाजपा के नेताओं ने नहीं कहा है बल्कि असम के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने यह हिमाकत की है जो सौभाग्य से मुसलिम है। जिस देश में मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत पर पहला हक मुसलिमों का मानते हों वहां का मुसलिम सांसद देश की जनता को ‘कुत्ते का बच्चा’ नहीं कहेगा तो क्या कहेगा, उसके सिर को नहीं कुचलवाएगा तो और क्या करेगा?

गौरतलब है कि असम के एआईयूडीएफ प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने एक पत्रकार के सवाल पर इतना भड़क गया कि उसने उसे न केवल कुत्ता का बच्चा कहा बल्कि उनका सिर कुचलने की धमकी दे डाली। इतना ही नहीं उसने सार्वजनिक तौर पर अपने खिलाफ केस करने की हिम्मत करने की भी चुनौती दे डाली। बस उस पत्रकार का इतना कसूर था कि उसने अजमल से इतना पूछ लिया कि आने वाले चुनाव में वे कांग्रेस के साथ या फिर भाजपा के साथ गठबंधन करेंगे। इतना पूछते ही अजमल इतना भड़क गया कि उसे कुत्ता का बच्चा तक कह डाला, उसने पत्रकार पर भाजपा के हाथ बिके होने का आरोप लगा दिया। उसने खुद तो पत्रकार का सिर कुचलने की धमकी दी ही, उसके समर्थक भी धक्कामुक्की कर पत्रकार को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर मजबूर किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजमल ने उसकी माइक भी तोड़ डाली। मालूम हो कि पत्रकार को कुत्ता का बच्चा कहने वाला बदरुद्दीन अजमल असम की धुबरी लोकसभा सीट से सांसद है। उसने पंचायत चुनाव में जीते अपनी पार्टी के सदस्यों के साथ पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह हंगामा किया।

बदरूद्दीन अजमल के इस वीडियो को ट्वीट करते हुए तरुण भारत और स्वराज्य के पत्रकार शेफाली वैद्य ने एक प्रश्न पूछा है। उन्होंने पूछा है कि फर्ज करिए अजमल की जगह आज यदि प्रमोद मुतालिक या साक्षी महराज के मुंह से यह सब निकला होता तो देश में क्या हुआ होता? ट्वीट पर अपने सवाल का खुद ही जवाब देते हुए उन्होंने लिखा है कि 2002 की ही तरह संपादकीय छपते कि हिंदू नेताओं ने पत्रकारों को आतंकित किया। इतना ही नहीं भारत का एडिटर्स गिल्ड दिल्ली के इंडिया गेट पर मुसलमानों की सुरक्षा के समर्थन में कैंडल मार्च निकालता। शेखर गुप्ता जैसे स्वधन्यमान पत्रकार ‘जातीय मर्दानगी’ जैसे शीर्षक से आलेख प्रकाशित करता।

लेकिन एक मुसलिम सांसद केस करने की चुनौती देने के साथ उसी के प्रेस कान्फ्रेंस में आए पत्रकारों को सरेआम ‘कुत्ते का बच्चा’ कहा, सिर कुचलने की धमकी दी, माइक तोड़ डाली, अपने समर्थकों से पत्रकारों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को मजबूर किया, लेकिन लुटियंस दिल्ली के सेकुलर ‘कुक्कुर’ खामोश हैं।

प्वाइंट वाइज समझिए

मुसलिम सांसद ने पत्रकार को कहा कुत्ते का बच्चा

* असम से सांसद बदरुद्दीन अजमल ने सरेआम पत्रकारों को सरेआम दी गाली

* अजमल ने कुत्ता का बच्चा कहते हुए सिर कुचलने की सरेआम दे दी धमकी

* पत्रकार द्वार सवाल पूछने पर बिफड़ पड़ा मुसलिम सांसद बदरुद्दीन अजमल

* बदरूद्दीन अजमल ने सारे पत्रकारों को केस दर्ज कराने तक की दी चुनौती

* अपने समर्थकों से पत्रकारों के साथ कराई धक्कामुक्की

* खुद भी पत्रकारों का माइक छीनकर तोड़ डाला

* लुटियंस दिल्ली के वामी-कांगी पत्रकारों को इस पर सांप सुंघ गया है

URL : Muslim MP of asam told journalist ‘puppy’ and threat to smash head!

Keyword : muslim MP, terrorise journalists, editors guild, press conference, कुत्ता का बच्चा, मुसलिम सांसद, बदरूद्दीद अजमल


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