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Category: भाषा और साहित्य

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कथा, कथन, मितकथन, कथक आदि शब्दों की व्याख्या!

कमलेश कमल. कथन एक ऐसा शब्द है, जिसका प्रयोग हम बहुधा करते हैं– कभी सही; तो कभी ग़लत। ‘कथन कहा’ अथवा ‘कथन किया’? – इसको लेकर स्थापित लेखकों के मन में भी संशय की...

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हिंदू का ब्रह्मास्त्र (भाग-5)

शत्रु – बोध   जो  नष्ट  कर  रहा ,   वो  नेता   मक्कार  है ; धर्म का दुश्मन , राष्ट्र का दुश्मन ,  देश  का  वो  गद्दार  है । आतंकी – बर्बर मजहब को , शांति...

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छापेमारी की नौटंकी

हिंदू  धोखा   मत  खा  जाना ,   छापेमारी  के   खेल   में ; पूरी – पूरी     नूरा – कुश्ती ,     मजे    करेंगे    जेल    में । नौटंकीबाज  अब्बासी – हिंदू ,  नये-नये  नाटक  करता है ; हिंदू...

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योगिनी -एक योद्धा

डॉ विनीता अवस्थी. घोड़ों की टापो की आवाज पास आती जा रही थी कम से कम 8-10 खूंखार विशालकाय देह घुड़सवार, विभिन्न आयुद्धों से सुसज्जित -तीर कमान, नुकीले भाले, खड़ग, हस्त नख तथा हाथों...

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महामूर्ख-हिंदू (भाग-10)

सबसे  बड़ा  धर्म  का  दुश्मन ,   अब्बासी – हिंदू  नेता  है ; कायर – कमजोर है  भ्रष्टाचारी ,  केवल  नौटंकी करता है । महामूर्ख – हिंदू   है   इतना ,  अब तक  जान  नहीं  पाया...

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हिंदू का सम्मान हो वापस

चाहे जितना  मेकअप करवाओ ,  बार-बार  कपड़े  बदलो ; रंग-बिरंगी  पगड़ी पहनो,  फोटो-सेशन भी  खूब  करा लो । देश नहीं टोकेगा तुझको ,  पर देश का भी कुछ काम करो ; पहला  काम  तुझे ...

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आज राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती है। दिनकर जी के पुत्र आदरणीय श्री केदारनाथ सिंह जी हमारे मौसा बाबा लगते हैं।

कल दिनकर जयंती की पूर्व संध्या पर ‘अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि महासंघ’ ने मेरे लेखन व पत्रकारिता को सम्मानित कर मुझे यह भान कराया कि मैं अपने ब्लड-लाईन और लेखन, दोनों को कभी दूषित नहीं...

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कोई नहीं हिन्दू का रक्षक

राजनीति का  धूर्त – खिलाड़ी ,  छुरा पीठ पे  घोंपना जाने ; आगे वाले को  मारके टंगड़ी ,  सत्ता  को  कब्जाना  जाने । बहुत  बड़ा  नौटंकीबाज  है ,   अभिनय  करने  में  माहिर ; इतने...

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विवाह चुनूं या वैराग्य का वरण करूं ?

हर रोज़ टूटकर बिखर जाता है मेरा दिल !डूबता हुआ मन , डर से खोजता है सुन्दर साहिल !दिल की धड़कनें , मां भारती का बनना चाहती हैं स्वरअपने लहू से राष्ट्र अभिषेक करना...

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सूर्य : तेरे चेहरे का तेज़ लाना है

वर्तमान वैश्वीकरण , उदारीकरण और निजीकरण के युग में एक युवती की यह कविता उसके मनोभावों को अभिव्यक्त करती है। सूर्य नामक यह कविता एक प्रेमिका के लिए उसके प्रेमी का प्रतिबिंब है ।...

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धर्म-सनातन का कलंक है

हिंदू  हृदय  सम्राट  बनाया ,  किसने  ये  षड्यंत्र  रचाया ? जिम्मी हृदय सम्राट को कैसे ?  हिंदू हृदय  सम्राट बताया । इससे पहले  नहीं कटा था ,  अब हिंदू का  गला कट रहा ;...

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वज्रमूर्ख हिंदू अभिभावक (भाग-1)

वज्रमूर्ख  हिंदू  अभिभावक ,   बच्चों  को  न  धर्म  बताते ; रामायण , गीता , महाभारत ,   भूले  से  भी  नहीं  पढ़ाते । धन – दौलत की  चकाचौंध में , स्त्री- पुरुष  हो  चुके  अंधे...

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सारे मंदिर हमें चाहिये

हमें   चाहिये    ये    कानून ,   सारे   मंदिर   वापस   हों ; लगभग  एक लाख मंदिर  हैं ,  सब  हिंदू को  वापस  हों । पूजा का अधिकार हमारा ,  हम सब  इसको  ले के रहेंगे ;...

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हिंदू का ब्रह्मास्त्र (भाग-3)

एकमात्र  बस   मार्ग   यही  है ,  भारतवर्ष   बचाने   का ; धर्म , राष्ट्र   व   देश   बचाने ,  शांति – सुरक्षा  पाने  का । सरकारें   हों   देश – भक्त ,   राष्ट्र – भक्त  व  धर्म...

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हिंदू का ब्रह्मास्त्र (भाग-2)

महामूर्ख – हिंदू   अज्ञानी ,  धर्म – सनातन   भूल  रहा  है ; स्वार्थ – लोभ में  अंधा होकर ,  भौतिकता में  झूल रहा है । अपना सच्चा – धर्म न जाने ,  उनका मजहब ...

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हिंदी दिवस पर हिंदी की दुर्दशा पर गौरव चौहान की कविता!

रे भारत मैं तेरी बेटी,तुलसी तेरे आँगन की,जन जन की भाषा हूँ,परिभाषा हूँ सत्य सनातन की, सकल विश्व का संवर्धन हूँ,दुविधा का निस्तारण हूँ,नवजातों के मुख से निकला मैं पहला उच्चारण हूँ, तुलसी के...

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अब्बासी-हिंदू (भाग-6)

अब्बासी – हिंदू   की   सत्ता ,   धर्म   नष्ट   हो   जाता  है ; कानून – व्यवस्था  चौपट होती ,  गुंडा-तत्व  बढ़  जाता है । गुंडागर्दी  इतनी  बढ़ती ,  रोड – जाम  तक  रुक  न पाता...

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धर्मयुद्ध जीतेंगे इसी से

बहुत  बड़ा  षड्यंत्र  चल  रहा ,   हिंदू – धर्म  मिटाने  का ; अंतर्राष्ट्रीय  साजिश   है  ये ,  हिंदू का गला  काटने   का । सबसे  पहला  इसका  मोहरा ,  गांधी  का  निर्माण  हुआ ; मजहब...

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योगी ! किसी से कभी न दबना

योगी ! किसी  से  कभी  न  दबना ,  हिंदू – धर्म  बचाना  है हिंदू-आशा की प्रखर ज्योति तुम,ज्योतिसे ज्योति जलाना है “धर्म-ज्योति” पड़ रही है  मद्धिम ,  दावानल इसे बनाना है ; “धर्म-सूर्य” तुम ...

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