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Tagged: nepotism in indian judiciary

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दिव्या भारती की मौत से उपजे सवाल आज सुशांत की संदिग्ध मौत के सवाल बनकर खड़े हैं

5 अप्रैल 1993 की शाम अभिनेत्री दिव्या भारती मद्रास से शूटिंग कर मुंबई में वर्सोवा स्थित अपने घर तुलसी अपार्टमेंट में पहुंची थीं। उस दिन वह बहुत खुश थी। उसी शाम को वह बांद्रा...

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200 से 250 परिवारों के चंगुल में कैद है भारतीय न्यायपालिका!

देश की न्यायपालिका की शीर्ष संस्थान यानि सुप्रीम कोर्ट से लेकर लोअर कोर्ट तक ढाई से तीन सौ परिवारों की ड्योढी बने हुए हैं। यह बात अब खास से लेकर आम तक आम हो...

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न्यायपालिका में कॉलिजियम सिस्टम ने ईमानदार जजों को मुख्य न्यायाधीश पद से वंचित रखा!

न्यायतंत्र में व्याप्त भ्रस्टाचार में आज हम बातएंगे की कैसे भाई भतीजावाद के नाम पर सुप्रीम कोर्ट के अंदर कुछ न्यायाधीशों ने जमकर मलाई खायी! कैसे एक ईमनादार महिला जज को उनकी ईमानदारी की...

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संविधान की भावना के खिलाफ मुख्य न्यायाधीश अपनी पसंद के न्यायधीशों की नियुक्ति पर अड़े हैं!

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी.एस.ठाकुर अपनी पसंद के न्यायाधीशों की नियुक्ति की जिद पर अड़े हैं, जो साफ-साफ संविधान की मूल भावना का उल्लंघन है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल लोकसभा...

क्या माननीय मुख्य न्यायधीश महोदय निचली अदालत में जनता से उसकी भाषा छीनना चाहते हैं?

12 सितंबर 2016 के दैनिक जागरण राष्ट्रीय अखबार के पेज-7 पर एक खबर पढ़ी। पढ़कर काफी दुख हुआ। खबर इस देश की न्यायपालिका से जुड़ा था और बयान देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश टी.एस.ठाकुर...

न्यायमूर्ति चेलामेश्वर की बगावत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा न्याय व्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं है!

अनूप भटनागर । उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिये उनके नामों के चयन की प्रक्रिया को लेकर देश के पांचवें सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर की खुली बगावत ने यह स्पष्ट...

इलाहबाद में भाई भतीजावाद के बाद, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी भरे गए जजों के रिश्तेदार!

इसे केवल Nepotism (भाई-भतीजावाद) नहीं कह सकते है! एक दो जजों के रिश्तेदार यदि भरे जाएं तो भाई-भतीजावाद कह सकते हैं, लेकिन यदि बड़े पैमाने पर जजों की सिफरिश या रिश्तेदारी से हाईकोर्ट में...

तीस्ता सीतलवाड़ केस में दस्तावेजों की प्रमाणिकता संबंधी प्राथमिक नियमों की अनदेखी की गयी, न्यायाधीशों ने इस गलती के लिए किसे दंडित किया?

शंकर शरण । सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस काटजू ने न्यायपालिका की अंदरूनी गिरावट पर प्रश्न उठाया है। कम से कम उन की यह बात अनाधिकार नहीं है। यह गिरावट संविधान की समझ,...

न्यायपालिका में कॉलेजियम सिस्टम को क्यों बरकार रखना चाहते हैं न्यायाधीश ?

जब आम भारतीय़ चारो तरफ से हताश होता है तो उसे भारत की सबसे बड़ी अदालत से ही आखिरी उम्मीद होती है। आंखों पर पट्टी बांधे न्याय की देवी को देखकर ही तो उम्मीद...

न्यायाधीश बना खानदानी पेशा, भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ा इलाहाबाद हाईकोर्ट!

भारत की न्यायपालिका को भाई-भतीजावाद, वंशवाद और भ्रष्टाचार दीमक की तरह चाट रहा है! संविधान के तीन स्तंभों में से विधायिका और कार्यपालिका के भ्रष्टाचार पर तो सभी चर्चा करते हैं, लेकिन न्यायपालिका के...

क्या सुप्रीम कोर्ट से भी कुछ सड़ने की बू आ रही है मी-लॉड!

अब ये ना कीजिए मी-लॉड ! अब भारत के लोकतंत्र के पहरेदार को तो राजनीति का जामा न पहनाइए । लाख बुराई के बाद भी, बस यही खंभा तो बचा है जिसकी साख जनता...

मुख्य न्यायाधीश टी.एस ठाकुर के पिता डीडी ठाकुर इंदिरा-शेख समझौते के तहत जज के पद से इस्तीफा देकर बने थे जम्मू-कश्मीर में मंत्री!

भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय टी.एस. ठाकुर जी का सम्मान करते हुए लोकतंत्र को बचाने के लिए यह कहना जरूरी है स्वतंत्रता दिवस के दिन उन्होंने जो किया, उससे विशुद्ध राजनीति की ध्वनि उत्पन्न...

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