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केरल में आयी प्राकृतिक आपदा के बहाने देश तोड़ने का षड्यंत्र!

हर बार जब देश में आपदा आती हैं, तो अधिक से अधिक भारत विरोधी तत्व सक्रिय हो जाते हैं और खुद को उजागर करते हैं। ‘केरल बाढ़’ को उत्तर-दक्षिण विभाजन करने के एक अवसर...

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तब वाजपेयी जी प्रधानमंत्री नहीं होते तो राहुल गांधी दो जन्मों तक जेल में होते!

अगर साल 2001 में देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं होते तो कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी को दो जन्म अमेरिका की जेल में काटना पड़ता। आरोप है कि 2001 में राहुल...

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नोएडा में रिटायर्ड फौजी अफसर के साथ सरकारी अफसर ने की दबंगई, सीसीटीवी में कैद हुई घटना!

प्रेस विज्ञप्ति आदरणीय बन्धुओ ,हम सभी नोएडा के पूर्व सैनिक एवं इस शहर के संभ्रांत नागरिक यहाँ पर ये प्रेस कांफ्रेंस भारतीय थल सेना के पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल वीरेन्द्र प्रताप सिंह चौहान व...

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प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ को समर्पित है फिल्म ‘सुई-धागा’!

मौजी एक सेठ के यहाँ दर्जी का काम करता है। एक दिन सेठ उसे धक्के मारकर नौकरी से निकाल देता है। ठीक वैसे ही जैसे अंग्रेज़ों ने हमारे फलते-फूलते हथकरघा उद्योग को लात मारकर...

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अहमद पटेल का करीबी दुबई में गिरफ्तार! प्रत्यर्पण होते ही अहमद पटेल पर गिर सकती है गाज!

गुजरात के स्टर्लिंग बायोटेक के पांच हजार करोड़ रुपये घोटाले के मामले में एक बड़ी और सुखद खबर दुबई से आई है। इस धोखाधड़ी के आरोपी नितिन संदेसरा को दुबई में गिरफ्तार कर लिया...

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अटलजी को बदनाम करने के लिए उनके निधन के तुरंत बाद The Wire ने चलाया फेक न्यूज!

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के तुरंत बाद ‘द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने उनके खिलाफ फेक न्यूज चलाकर पूरी भारतीय पत्रकारिता को शर्मिंदा किया है। इससे जाहिर होता है...

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हिंदू हैं तो चाणक्य की तरह कुटिल बनिए, अभिमन्यु की तरह निर्दोष नहीं!

कुछ लोगों के कारण कल मुसीबत में फंसना पड़ा। इटालियन बहु के वीडियो वाली पोस्ट कर कुछ लोगों ने उनके लिए जमकर अपशब्दों का प्रयोग किया, गुस्से वाली इमोजी का प्रयोग किया। हो सकता...

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एक महान नेता की अंतिम विदाई और भावनाओं का ज्वार!

मोनिका। हजारों की भीढ़, लेकिन इस भीढ़ में हर चेहरे पर एक मायूसी थी। अटल जी जाने का गम था, एक टीस थी जो उन्हें उमस भरी गर्मी में यहां तक खीच लाई थी।...

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भारतीय शिक्षा प्रणाली- पाठ्यपुस्तक लिखने वालों को काटे हुए है एक विचारधारा का कीड़ा!

सूर्य सिद्धांत स्पष्ट करता है कि – “सर्वत्रैय महीगोले स्वस्थामुपरिस्थितम्। मन्यन्ते खेयतो गोलस्तस्यक्कोर्ध्वक्कवोप्यध:” अर्थात यह पृथ्वी गोल है इसलिये हम सभी अपने अपने स्थान को उपर ही समझते हैं। यह पृथ्वी वृहद शून्य के...

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कविता-आज जाने का है क्षोभ बड़ा, कल आने का है विश्वास ‘अटल’ !

बिरले ही होते हैं जिनके लिए शब्द स्वत फूटते हैं, आज मन उद्वेलित है ‘अटल’ जी को मेरी तरफ से अनंत ज्योति में विलीन होने पर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि… मृत्यु मौन किन्तु ‘अटल’ है, आती...

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कविता- दुःख नहीं स्वीकार करो, मृत्यु से भी प्यार करो!

दुःख नहीं, स्वीकार करो, मृत्यु से भी प्यार करो! एक छोर पर जीवन है, दूसरी छोर पर मौत खड़ी! जीवन जब जी भर कर जिया, मृत्यु को भी भरपूर जियो! मृत्यु एक अटल सत्य...

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आरंभ से अब तक की यात्रा में ‘अटल’ माइलस्टोन!

सदेह ‘अटल’ का अनन्त गमन के लिए विदेह होना तय है, पर उनके प्रति उत्सुकता बिरले है मृत्यु मौन किन्तु अटल, आती है बिन आहट। व्याकूल करती होने और न होने की छटपटाहट किसी...

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‘गोल्ड’ फिल्म समीक्षा- सिक्कों की खनखनाहट सुनने के लिए ऐतिहासिक तथ्यों के साथ खिलवाड़ जारी है।

यदि कोई मुझसे पूछे कि ‘गोल्ड’ फिल्म का हासिल क्या है, तो मैं बेझिझक ‘सनी कौशल’ का नाम लूंगा। इस फिल्म में अक्षय कुमार के अच्छे अभिनय के अलावा कुछ बहुत अच्छा है तो...

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टीवी पर वाजपेयी हमेशा टीआरपी का जरिया रहे…!

जब दुनिया उन्हें उनके ओजस्वी भाषणों और कविता को याद कर रही है मन व्याकुल हो रहा है एक दशक से ज्यादा वक्त से वे मौन क्यों हैं? मौत से उनकी ऐसी ठनी कि...

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अटलजी को लेकर 14 अगस्त को एम्स निदेशक और प्रधानमंत्री मोदी की क्या बातचीत हुई?

मोनिका, एम्स से इंडिया स्पीक्स के लिए। अटलजी 11 जून से एम्स में भर्ती हैं। अचानक 14 अगस्त को एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया पीएमओ पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्होंने मिलने का...

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अटल बिहारी वाजपेयी की कविता: ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ, लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ’

ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई। मौत...

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जिनकी वजह से राजनीति की मेरी समझ विकसित हुई, वह अटल हैं!

मैं भी राजनीति से उदासीन एक युवा था। राजनीति को अछूत समझता था। कोई रुचि नहीं थी मेरी राजनीति में। तब पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी जी का भाषण सुना था। 1996 में वह...

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अटल बिहारी वाजपेयी की कविता: ‘सुनो प्रसून की अगवानी का स्वर उन्चास पवन में’!

पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित सचित्र साप्ताहिक अभ्युदय में प्रकाशित अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता, 11 फरवरी 1946 नौ अगस्त सन बयालीस का लोहित स्वर्ण प्रभात, जली आंसुओं की ज्वाला में परवशता...

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गुलामी के चाबुक और युद्ध के नश्तर सहे तब जाकर बना आज का समर्थ भारत!

1962 का साल भारत भूमि की देह पर बड़ी सी खरोंचे छोड़ गया था। पड़ोसी ने पीछे से वार किया। देश का तत्कालीन प्रधानमंत्री चीन की मक्कारी भांपने में नाकाम रहा। नाकामी ऐसी कि...

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झारखंड में एनजीओ के विदेशी फंड को कनवर्जन और राजनीति में लगा रही हैं क्रिश्चियन मिशनरीज!

झारखंड में क्रिश्चियन मिशनरीज बड़े पैमाने पर हिंदुओं को क्रिश्चियन बनाने के खेल में सक्रिय है। प्रदेश भर में क्रिश्चियन मिशनरीज द्वारा संचालित 88 एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) पर हुई छापेमारी से यह खुलासा...