Featured News

वो विनोद खन्ना ही थे, जिसके कारण ओशो में मेरी जिज्ञास जगी और आज मैं एक ओशो संन्यासी हूं!
मन थोड़ा उदास है! आज विनोद खन्ना इस दुनिया को छोड़कर चले गए! अनजाने में ही विनोद खन्ना से बचपन की मेरी कई-कई यादें जुड़ी हैं, जो ...
ईवीएम भैया, कल इस शहरी नक्सल को जीत दिला देना, नहीं तो यह दिल्ली को सुकमा बना देगा!
सुकमा में जंगली नक्सलियों ने कहर बरपाया, कल एक शहरी नक्सल के कहर बरपाने की बारी है। एक शहरी नक्सल है, जिसने घोषणा की है कि यदि कल दिल्ली ...
नक्सलवाद की जड़ में आखिर कौन? माओवाद प्रेमी प्रोफेसर नलिनी सुंदर, उनके वामपंथी पत्रकार पति सिद्धार्थ वरदराजन और सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला!
दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर और जेएनयू की प्रोफेसर अर्चना प्रसाद ...
नक्सलवाद की जड़ में आखिर कौन? छत्तीसगढ़ के जंगलों से नक्सलियों का खात्मा उसी दिन होगा, जब देश के संस्थानों और पत्रकारिता से वामपंथियों को मिटाया जाएगा!
मन उदास है। दांतेबाड़ा, सुकमा आदि के जंगलों में नक्सलियों द्वारा ...
आखिर कब तक करदाता ढोयेगा राहुल और प्रियंका गाँधी परिवार की प्रधानमंत्री स्तर की एस.पी.जी सुरक्षा का खर्चा?
आर.के.सिन्हा। कुछ माह पहले राजधानी के आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष भट्टाचार्य की एक आरटीआई का जो जवाब भारत सरकार ने ...
अरविंद केजरीवाल फोन पर धमका रहे हैं! जब नेता धमकी की भाषा में बात करने लगे तो समझो, उसकी जमीन खिसक गई है!
दिल्ली के मुख्यमंत्री की दिमागी हालत खराब लग रही है! जिस जनता ने उन्हें माई-बाप बनाया, उसे ही वो धमका रहे हैं! ...
रविशंकर प्रसाद ठीक कहते हैं, अधिसंख्य मुसलमान भाजपा को वोट नहीं करते! राष्ट्र और राष्ट्रवाद के साथ दुनिया में कहीं भी मुसलमान खड़े नहीं हैं!

यदि आप सेक्यूलर या मजहबवाद से पीडि़त हैं तो इस लेख को न पढें! चूंकि मैं सेक्यूलर ...

समाचार

Gandhi family

आखिर कब तक करदाता ढोयेगा राहुल और प्रियंका गाँधी परिवार की प्रधानमंत्री स्तर की एस.पी.जी सुरक्षा का खर्चा?

आर.के.सिन्हा। कुछ माह पहले राजधानी के आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष भट्टाचार्य की एक आरटीआई का जो जवाब भारत सरकार ने दिया से पता चला…

मीडिया

Ram janam bhomi

राममंदिर को लेकर दैनिक भास्कर की एजेंडावादी पत्रकारिता जारी है।

रामगोपाल। दैनिक भास्कर के 13 अप्रैल, 2017 के अंक में ‘संविधान के अनुकूल नहीं है संघ प्रमुख की दलील’ शीर्षक से संपादकीय पढ़…

राममंदिर को लेकर दैनिक भास्कर की एजेंडावादी पत्रकारिता जारी है।


पत्रकारिता का निकृष्टतम उदाहरण है राजदीप सरदेसाई! इसके मुंह पर सरेआम थूका जाना चाहिए!


प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो, अखिलेश-राहुल से ज्यादा उर्मिलेश यादव-राजदीप सरदेसाई को खल रहा है!


मीडिया के फर्जीवाड़े के कारण मर रहे हैं जवान, आखिर कब लगेगी मीडिया के झूठ पर रोक?


उर्मिलेश जी नाम के साथ अब अपना सही सरनेम लगा ही लीजिए, क्यों पत्रकारिता को धोखा दे रहे हैं?


मीडिया की अंदरूनी लड़ाई सड़क पर उतरी, भाजपा के पक्ष में सर्वे छापते ही दैनिक जागरण के खिलाफ सभी अंग्रेजी व वाम मीडिया ने खोला मोर्चा!


उप्र चुनाव की रिपोर्टिंग देखिए, लगता है पत्रकारों ने सुपारी ले रखी हो!



भारत निर्माण

दाना पानी पहल – ताकि चिड़ियाँ हमेशा उड़ती रहे!

आप सभी को याद है, हमारे बचपन में गौरेया भी हमारी साथी हुआ करती थी। हमारे साथ हमारे आंगन में फुदकती, खेलती गौरैया…

महात्मा गांधी के सपने को साकार कर रहे हैं सुलभ इंटेरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर बिंदेश्वर पाठक!

मदन झा। ‘शांति के तीर्थ यात्री’ के तौर पर भारत आए अमेरिका के आठ शिक्षाविद उस समय हैरान रह गए, जब उन्होंने सुलभ…

संविधान