Author: Vikash Preetam

0

आप रोते रहें, देश ‘बुलेट ट्रेन’ की तरह बढ़ता जाएगा…

मोदी जी बुलेट ट्रेन क्यों ला रहे हैं ? इसकी जरूरत ही नहीं है अभी क्योंकि अभी देश में गरीबी है, बेरोजगारी है, सड़कें-बिजली-पानी की समस्या है, हमारी वर्तमान रेल ही ठीक से नहीं...

0

कांग्रेसियों का दिमाग भी अब ‘अवकाश’ पर!

कांग्रेस के मुखिया को ‘अवकाश’ अच्छा लगता है, इतना कि तमाम प्रकार के अवकाश के बहाने वे ‘अवकाश’ पर ही बने रहते हैं, कभी ‘आराम’ के लिए अवकाश, कभी ‘विदेश घूमने’ के लिए तो...

0

जीएसटी लागू होने पर हंगामा मचाने वाले अब कहाँ मुंह छुपायेंगे?

विकास प्रीतम। GST का विरोध कर रहे और इसके लागू हो जाने के बाद देश में व्यापर-धंधे के चौपट होने की भविष्यवाणी करने वाले लोगों का अब मुंह छुपाने का समय आ गया है...

0

मुसलिम तुष्टिकरण में अंधी ‘ममता’ ने मां दुर्गा के विसर्जन पर लगाया रोक!

विकास प्रीतम। ममता बनर्जी सरकार का आदेश है कि इस वर्ष तीस सितंबर और एक अक्टूबर को मोहर्रम के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं होगा । मोहर्रम मनाने से किसी को कोई आपत्ति...

0

मैडम सोनिया 1969 की कांग्रेस आजादी की लड़ाई कैसे लड़ रही थी? जरा समझाएंगी?

कल लोकसभा में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष चर्चा में जब श्रीमती सोनिया गाँधी ने स्वतंत्रता की लड़ाई को काँग्रेस और उसके नेताओं की बदौलत बताया तब इसमें...

0

मुलायम सिंह का समाजवाद राज्य के संसाधनों और सम्पत्ति पर महज अपने परिवार का कब्ज़ा चाहता है.

अगर किसी राजनीतिक विचारधारा की साक्षात उलटबांसी देखना हो तो समाजवादी पार्टी से बेहतर उदाहरण कोई और नहीं हो सकता। समाजवाद का झंडा थामे लोहिया के ये लोग न केवल समाजवाद के असल मूल्यों...

0

देश की व्यवस्था का दुर्भाग्य है जहाँ ममता बनर्जी जैसे विभाजनकारी मानसिकता की सोच वाले सत्ता के शीर्ष पर पहुँच जाते हैं।

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी की लगातार आवाजाही को लेकर उनकी पार्टी के एक सांसद का कहना था कि कोलकाता से दिल्ली महज दो...

3

यह किस मानसिकता के लोग हैं, जो हमारे बीच रह रहे हैं?

प्रसिद्द अभिनेता प्राण फिल्मों में खलनायक की भूमिका को इस विश्वसनीयता के साथ अदा करते थे कि सिनेमा हॉल में बैठे दर्शकों में सिहरन पैदा हो जाती थी। परदे पर उनके द्वारा निभाई गई...

0

यदि पीएम विपक्ष के नेताओं से न मिले तो अहंकार और मिले तो डीलिंग! यह है केजरी की आरोप लगाओ और भागो की राजनीति!

विकास प्रीतम। प्रधानमन्त्री श्री मोदी के साथ श्री राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस सांसदों की मुलाकात के पीछे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को ‘डील’ नजर आ रही है। यह भी उनकी ‘अलग...

0

आखिर क्या कारण है कि कांग्रेस का सबसे बड़ा नेता होने के बावजूद राहुल गांधी संसद की अग्रिम पंक्ति में नहीं बैठते?

विकास प्रीतम। जब वो कहते हैं मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है तो ये सुनने में कुछ वैसा ही लगता है जब केजरीवाल कहते हैं -मोदी जी मुझे काम करने नहीं...

0

बाप नानी याद दिलाते थे और बेटा भूकंप लाता है! राजवाड़ों की मानसिकता है, क्या कीजिएगा?

पहले राहुल गांधी अपनी माँ के भरपूर सुरक्षित साए में रहे और जब माँ ने उनको बाहर के हवा-पानी का अनुभव करने के लिए अकेला छोड़ा तो उनको कांग्रेस के राज्यसभा वाले चाचाओं ने...

0

राहुल-केजरी-ममता, यदि किसान नोटबंदी से परेशान है तो फसल की बुआई 9 फीसदी अधिक कैसे हो गई?

न तो बड़े नोटों को पूर्ण रूप से बंद किया गया है और न ही उनका अवमूल्यन किया गया है बल्कि प्रचलित बड़े नोटों के स्थान पर सरकार ने नयी मुद्रा जारी की है...

0

योगगुरु रामदेव और ममता बनर्जी की ‘सादगीपूर्ण’ जुगलबंदी का सच!

विकास प्रीतम। भारतीय संस्कृति और उसके मूल में ‘सादा जीवन उच्च विचार’ के महत्व को रेखांकित किया गया है। जहाँ एक स्त्री अथवा पुरुष से आडम्बर रहित और विचारवान जीवन जीने की अपेक्षा की...

0

जब इंदिरा गांधी ने टीआरपी के लिए अपने मित्र युनुस खान के बंगले पर तमाशा खड़ा किया!

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टीआरपी राजनीति करने का आरोप लगाया था। राहुल गांधी अपनी बिना काम की व्यस्तता के कारण भले देश का इतिहास न पढ़ पाए हों, लेकिन कम से...

0

जाकिर नाइक जैसों को समझ जाना चाहिए कि यह सोनिया की नहीं, मोदी की सरकार है!

विकास प्रीतम। अल्बर्ट आइन्स्टाइन ने महात्मा गांधी की महानता के सन्दर्भ में कहा था कि “आने वाली पीढ़ियाँ इस बात का यकीन नहीं करेंगी कि हाड़-मांस का ऐसा मानव इस पृथ्वी पर कभी चलता...

0

नोटबंदी पर सकारात्मक है सारा देश !

उपचुनाव में भाजपा को मिलने वाली सफलता ‘अंधे के हाथ बटेर’ लगने जैसी नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री की इच्छाशक्ति और उनके निर्णयों को लोगों ने सराहा है जिसके कारण भाजपा ने त्रिपुरा में लेफ्ट...

0

कांग्रेस पार्टी का मोदीफोबिया !

संसद का शीतकालीन सत्र कल से प्रारम्भ हो चुका है। कल संसद के निचले सदन लोकसभा की कार्यवाही सदन की एक वर्तमान सदस्य और कुछ पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त करने के...

देश में व्यवस्था के खिलाफ होने वाले आंदोलनों की कमान सँभालने के लिए बेताब रहते हैं अरविन्द केजरीवाल!

एक पूर्व सैनिक की आत्महत्या पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की राजनीति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। कल दिन भर चले हंगामे और तमाशाई प्रदर्शन से ये साफ़ पता चलता है कि सारी कवायद कुछ...

0

मोदी सरकार समस्याओं को पाल पोष कर वोट बैंक बनाने में नहीं, बल्कि उन्हें जड़ से समाप्त करने में विश्वास करती है!

जो कहा वो कर दिखाया। जो उम्मीद थी वो पूरी हुई। राष्ट्र के नाम अपने सन्देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 500 व 1000 रूपये मूल्य के नोट बंद करने का ऐलान कर काले...

0

क्या मीडिया को इसलिए आजादी चाहिए कि वह इंडियन एक्सप्रेस की तरह हथियार दलालों के पक्ष में रिपोर्टिंग करे और एनडीटीवी की तरह भारतीय सेना की सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं को लीक करे!

विकास प्रीतम। 4 अप्रैल 2012 को इंडियन एक्सप्रेस अखबार के पहले पन्ने पर बड़े-बड़े अक्षरों में शेखर गुप्ता की एक स्टोरी छपती है कि 16 जनवरी 2012 को भारतीय सेना ने बिना इजाजत दिल्ली...

ताजा खबर